क्या हम कम बातें कर सकते हैं? मोदी के उत्थान में असली भूमिका प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष नेतृत्व की है

डॉ. प्रेम सिंह, Dr. Prem Singh Dept. of Hindi University of Delhi Delhi - 110007 (INDIA) Former Fellow Indian Institute of Advanced Study, Shimla India Former Visiting Professor Center of Oriental Studies Vilnius University Lithuania Former Visiting Professor Center of Eastern Languages and Cultures Dept. of Indology Sofia University Sofia Bulgaria

Can we talk less? Progressive and secular leadership is the real role in Modi’s rise. सभ्यता के बारे में यह जाना-माना सच है कि दर्शन, अध्यात्म, धर्म, विज्ञान, कला, साहित्य, अध्ययन-मनन के अन्य विविध शास्त्र, स्वतंत्र अध्ययन-मनन आदि में गहरे डूबा व्यक्ति हमेशा कम बातें करता है. गांधी की अवधारणा लें तो राजनीति के बारे

अगस्त क्रांति के गुनहगार : हिंदुत्व टोली, एक गद्दारी – भरी दास्तान

syama prasad mukherjee in hindi

प्रो. शम्सुल इस्लाम का यह आलेख (Article by professor shamsul islam) “अंग्रेज़ों भारत छोड़ो आंदोलन 1942 और हिंदुत्व टोली : एक गद्दारी – भरी दास्तान” मूलतः हस्तक्षेप पर 09 अगस्त 2018 को प्रकाशित हुआ था। हस्तक्षेप को पाठकों के लिए आज दिनांक 23-06-2020 को मूल लेख का संपादित रूप पुनर्प्रकाशन इस 9 अगस्त 2018 को भारतीय

भारत की बर्बादी में मोदी की अब तक की पूरी भूमिका का अमेरिका से क्या संबंध है ?

Namaste Trump

–एक बेहद परेशान करने वाला सवाल | A very annoying question मोदी के इन छ: सालों में हो रही तमाम बर्बादियों के इतिहास को देखते हुए अब इस बात की खोज करने की ज़रूरत है कि आख़िर इस सरकार का असली सूत्रधार कौन है ? आरएसएस ही आखिर क्या है ? हमने 1992 में बाबरी

देश पिछड़ गया तो क्या, मोदी तो संघ का एजेंडा पूरा करने में उम्मीद से आगे निकल गए हैं  

Narendra Modi in anger

अच्छे दिन लाने और प्रत्येक के खाते में सौ दिन के अन्दर 15 लाख जमा कराने तथा हर साल युवाओं को दो करोड़ नौकरियां देने के वादे (Promises to provide 20 million jobs to youth every year) के साथ सत्ता में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे हो गए हैं। अवश्य

गांधी के हत्यारे अब उनकी वैचारिक हत्या भी करना चाहते हैं – दिग्विजय सिंह

digvijaya singh

आरएसएस पर एलएस हरदेनिया की पुस्तक के उर्दू संस्करण का लोकार्पण Inauguration of Urdu edition of LS Hardeniya’s book on RSS भोपाल, 29 जनवरी 2020. “आज एक तरफ हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं दूसरी तरफ इसी समय में वो सब किया जा रहा है जिसकी मुखालफत महात्मा गांधी जीवन भर करते

शाहीन बाग़ नेहरू को भूल गया, हम भले ही भूल जाएं, आरएसएस न भूला है, न भूलेगा

Jawaharlal Nehru

Shaheen Bagh forgot Nehru, even if we forget, the RSS has not forgotten, nor will it forget. शाहीन बाग़ के धरने में नेहरू की तस्वीर न होने पर कुछ ही देर पहले ट्वीटर पर Ritambhara Agrawal और फेसबुक पर Ashok Kumar Pandey की चिंता देखी, कुछ कमेंट्स भी। बहुत पहले से कहता आया हूँ कि

सुनंदा के. दत्ता-रे की यह कैसी अनोखी विमूढ़ता ! ज़मीनी राजनीति से पूरी तरह कटा हुआ एक वरिष्ठ पत्रकार

SUNANDA K. DATTA-RAY ARTICLE INDIAN INEFFICIENCY MAY BE THE SAVING OF INDIA A note of assurance

Comment on SUNANDA K. DATTA-RAY ARTICLE in The telegraph “INDIAN INEFFICIENCY MAY BE THE SAVING OF INDIA : A note of assurance” जब भी किसी विषय को उसके संदर्भ से काट कर पेश किया जाता है, वह विषय अंधों के लिये हाथी के अलग-अलग अंग की तरह हो जाता है ; अर्थात् विषय के ऐसे

सांड चर रहे हैं खेत, मोदी बेच रहे हैं देश, आरएसएस जरा भी नैतिक नहीं है : रणधीर सिंह एडवोकेट

Randhir Singh Suman CPI

सांड चर रहे हैं खेत, मोदी बेच रहे हैं देश, आरएसएस जरा भी नैतिक नहीं है : रणधीर सिंह एडवोकेट बाराबंकी, 28 नवंबर 2019. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने कहा है कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ दल द्वारा राष्ट्रपति शासन हटाने व अल्पमत की सरकार का गठन कराने व विधायकों

प्रज्ञा ठाकुर ही नहीं, गोडसे से आरएसएस का पुराना मोह है : इंतज़ार करें कब गोडसे की मूर्ति संसद भवन में प्रतिष्ठित की जाएगी !

Sadhvi Pragya Thakur

प्रज्ञा ठाकुर ही नहीं, गोडसे से आरएसएस का पुराना मोह है : इंतज़ार करें कब गोडसे की मूर्ति संसद भवन में प्रतिष्ठित की जाएगी ! हमारे देश में तवलीन सिंह जैसे ‘भोले-भाले’ राजनैतिक विश्लेषकों/पत्रकारों की कमी नहीं है जो प्रधानमंत्री, मोदी के नेतृत्व में आरएसएस/भाजपा शासकों के जनता और देश विरोधी विघटनकारी विचारों और कार्यकलापों