मजरूह सुल्तानपुरी : सत्ता की छाती पर चढ़कर साफ़ और सपाट आवाज़ में कहने वाला शायर

Majrooh Sultanpuri

मजरूह सुल्तानपुरी की पुण्यतिथि 24 मई पर विशेष Special on Death anniversary of Majrooh Sultanpuri मजरूह सुल्तानपुरी: बगावती तेवर और मज़लूमों का मसीहा मैं अकेला ही चला था जानिब ए मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया। मजरूह सुल्तानपुरी साझी संस्कृति, धर्मनिरपेक्षता के प्रतीक और अपनी धुन के पक्के, अड़चनों के सामने