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Tag Archives: Sara malik poem

रानी बोली अभी तो अंधेरे की शुरुआत हुई/ मंत्री बोले महाराज अभूतपूर्व यह बात हुई

Sarah Malik poem on King

रानी बोली अभी तो अंधेरे की शुरुआत हुई/ मंत्री बोले महाराज अभूतपूर्व यह बात हुई सुबह सवेरे सूरज निकला चिड़िया बोली, और दिन निकला राजा ने आंखें मलीं, और मुंह खोला, सोने का समय हुआ, दिन बीता रात हुई रानी बोली अभी तो  अंधेरे की शुरुआत हुई, मंत्री बोले महाराज अभूतपूर्व यह बात हुई।   नगाड़ा बजा रात का ऐलान …

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