हमारे जीवन, जीवनशैली और रोज़गार से कम-से-कम संसाधनों का दोहन हो

Medha Patkar

हमारे जीवन, जीवनशैली और रोज़गार से कम-से-कम संसाधनों का दोहन हो – सबके सतत विकास के लिए यह है ज़रूरी – मेधा पाटकर Exploit the least resources from our life, lifestyle and employment – It is necessary for the sustainable development of all – Medha Patkar नई दिल्ली, 25 जुलाई 2020. ग्रेटा थुनबर्ग से प्रेरित हो कर

तीन लाख से अधिक संक्रमण होने पर कांग्रेस के मोदी से पाँच सवाल

narendra modi flute

More than three lakh infections occurred, Congress five questions to Modi 21 दिन में कोरोना पर जीत हासिल करने की घोषणा का क्या हुआ? आत्मनिर्भर बनने के नाम पर देश को मोदी जी ने उसी के हाल में छोड़ दिया रायपुर/13 जून 2020। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है

सहकारी खेती ही आत्मनिर्भर भारत का रास्ता – दारापुरी

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अवकाशप्राप्त आईपीएस एस आर दारापुरी (National spokesperson of All India People’s Front and retired IPS SR Darapuri)

किसानों के राष्ट्रीय विरोध में शामिल होगा मजदूर किसान मंच प्रधानमंत्री को भेजा जायेगा मांग पत्र लखनऊ, 26 मई 2020 : सहकारी खेती को सरकार को मजबूत करने के लिए मदद करनी चाहिए यहीं विकास, रोजगार सृजन और आत्म निर्भर भारत बनाने का रास्ता है। इस मांग के साथ किसानों के सभी कर्ज माफ करने,

श्रमिक वर्ग के लिए यह पैकेज और बुरे दिन लाएगा, इसमें उसके खून-पसीने को और निचोड़ा जायेगा, देश को कंगाल बना देगा यह पैकेज

Modi in Gamchha

This package will bring more bad days for the working class, it will squeeze its blood and sweat, it will make the country poor कोरोना महामारी के दौर में प्रधानमंत्री का ‘आत्मनिर्भरता’ का सपना -Part 2 Prime Minister’s dream of ‘self-reliance’ during the Corona epidemic – Part 2 आप कहते हैं कि ‘‘आत्मनिर्भर भारत की

आत्मनिर्भर भारत : क्या इस राष्ट्र में इन मजदूरों का भी स्थान है ?

Ghar Se Door Bharat Ka Majdoor

कोरोना महामारी के दौर में प्रधानमंत्री का ‘आत्मनिर्भरता’ का सपना Prime Minister’s dream of ‘self-reliance’ during the Corona epidemic प्रधानमंत्री ने 12 मई को देश को सम्बोधित करते हुए कहा कि- ‘‘हमने ऐसा संकट न देखा है न ही सुना है। निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए ये सब कुछ अकल्पनीय है, ये क्राइसेस