इस तरह चुपचाप निकल गया शशिभूषण द्विवेदी

Shashi Bhooshan Dwivedi

शशिभूषण द्विवेदी के असामयिक निधन (Untimely demise of Shashibhushan Dwivedi) से स्तब्ध हूँ। गम्भीर सिंह पालनो, ज्ञानेंद्र पांडेय और अवधेश प्रीत हमारी पीढ़ी के लेखक रहे हैं, जो एक साथ पले, पढ़े बढ़े और साथ ही बिखर गए। शशि हमसे जूनियर था। जब मेरे पिता पुलिनबाबू कैंसर से मरणासन्न थे तब वह उन्हें देखने रुद्रपुर