लेकिन तुम उस महामानव के विचारों से अब भी क्यों डरते हो?

रजनीश कुमार अम्बेडकर (Rajnish Kumar Ambedkar) पीएचडी, रिसर्च स्कॉलर, स्त्री अध्ययन विभाग महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र)

महामानव के विचार जब हम चढ़ाते हैं ऐसे महामानव पर दो फूल तो डगमगा जाता है…! उनका सिंहासन वे डर जाते हैं कहीं ठप्प न हो जाए उनकी दुकान…!! हम चुपचाप फिर भी उस महामानव के बताए रास्ते पर चलना चाहते हैं…! वे मिटाना चाहते हैं उनकी पहचान और उनके विचारों को भी पर वे