बेशर्मी और निर्लज्जता की हदें पार करते महामहिम!

bhagat singh koshyari with Udhav Thackrey

सेक्युलरिज्म यानी पंथनिरपेक्षता किसी पार्टी का नारा नहीं बल्कि हमारे स्वाधीनता संग्राम से जुडा मूल्य है, जिसे केंद्र में रखकर हमारे संविधान की रचना की गई है। 15 अगस्त, 1947 को जिस भारतीय राष्ट्र राज्य का उदय हुआ, उसका अस्तित्व पंथनिरपेक्षता यानी सेक्युलरिज्म की शर्त से बंधा हुआ है।