भारतीय मनीषा का सर्वोच्च उपहार : वर्ण व्यवस्था का अर्थशास्त्र

एच.एल. दुसाध (लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.)  

अपने पिछले लेख में मैंने बताया था कि कोरोना ने जिस तरह धर्मों को संकटग्रस्त किया है, उससे जिन तबकों की प्राण-शक्ति धर्मों में निहित है, वे काफी चौंकन्ने हो गए हैं और धर्मों से मोह-मुक्त लोगों को नए सिरे से आस्थाशील बनाने का उपक्रम शुरू कर दिये है। साक्ष्य के तौर पर मैंने 28