वक़्त बदला इक मोबाइल बच्चों के खिलौने तोड़ गया… और बिना शोर के गिल्ली डंडा गली मुहल्ला छोड़ गया …

puppet show video

निरे बचपने की बात है यारों … है याद ज़रा धुँधली-धुँधली .. गिल्ली डंडा कंचों का दौर.. और सिनेमा सी कठपुतली … पुतलकार के हाथ की थिरकन .. थिरकते थे किरदार .. इक उँगली पे राजा थिरके .. इक उँगली सरदार .. राजा महाराजा के क़िस्से ऊँट घोड़े और रानी .. नाज़ुक धागों में सिमटी