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पेगासस, यानी देश मजबूत हाथों में सुरक्षित है?

पेगासस की कलंक-कथा

Tale of pegasus

वायर ने पेगासस मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि भारत में बिल गेट्स फाउंडेशन से जुड़े गगनदीप कंग और बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के निदेशक एम. हरि मेनन की भी जासूसी की गई है।

हरि मेनन भारत में बिल गेट्स फाउंडेशन के सर्वेसर्वा हैं, जिनको बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा 24 मई, 2019 को भारत में कंट्री निदेशक नियुक्त किया था। इसके बाद 2019 नवम्बर मध्य में बिल गेट्स भारत आए थे और उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात कर नेशनल डिजिटल हेल्थ मॉडल पर बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ नेशनल डिजिटल हेल्थ मॉडल पर सहमति जताई ताकि द्विपक्षीय एमओयू तैयार किया जा सके।

Pegasus: Human rights-compliant laws needed to regulate spyware

इसके अगले चरण में नवम्बर 2019 में ही नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बिल गेट्स की मौजूदगी में भारत के आगामी हेल्थ सिस्टम की योजना हेल्थ सिस्टम फॉर ए न्यू इंडिया : बिल्डिंग ब्लॉक्स पोटेंशियल पाथवेज टू रिफॉर्म (Health System for a New India: Building Blocks Potential Pathways to Reform’) पेश की।

मुख्यत: यह व्यवस्था आयुष्मान भारतजैसी किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के दायरे से बाहर रह गये मध्य वर्ग के लिए है। सम्भवतः अगले कुछ ही दिनों में उनकी वह योजना सामने आ जाए।

योजनानुसार इस एमओयू पर स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य) लव अग्रवाल और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के निदेशक एम. हरि मेनन ने हस्ताक्षर किये। फिर जनवरी 2020 में इस एमओयू को आश्चर्यजनक रूप से पूर्व प्रभावयानी बैक डेट से मंजूरी दे दी गयी।

अगला खेल देखिए—

नवम्बर में ही कृषि सांख्यिकी पर नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में बिल गेट्स मुख्य वक्ता थे। इस कांफ्रेंस की थीम थी—सतत विकास के लक्ष्य हासिल करने के लिए कृषि में बदलाव की सांख्यिकी।

यह कॉन्फ्रेंस संयुक्त राष्ट्र संघ के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (एफएओ), यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर, विश्व बैंक, बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन और अन्य एजेंसियों के सहयोग भारत के कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित की गई थी।

इस कॉन्फ्रेंस में बिल गेट्स का भाषण मुख्य रूप से कृषि उत्‍पादन के लिए नए डिजिटल उपकरणों के उपयोग और कृषि के सर्वोत्तम आंकड़ों की आवश्यकता पर ही केंद्रित था।

इसका मतलब यह है कि वर्तमान समय में सर्वाधिक चर्चित कृषि और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर इतनी महत्वपूर्ण गतिविधियां हो रही थीं और मोदी सरकार एम. हरि मेनन की जासूसी करवा रही थी?

एम. हरि मेनन से अधिक महत्वपूर्ण बिल गेट्स फाउंडेशन के भारत स्थित पूर्व निदेशक नचिकेत मोर थे। जिन्हें बिल गेट्स ने 2016 में नियुक्त किया था और वे भारतीय रिजर्व बैंक के एक डायरेक्टर भी थे। यानी बिल गेट्स की सीधी घुसपैठ भारतीय रिजर्व बैंक में थी।

और यह कमाल कर दिखाया राष्ट्रवादी नरेंद्र मोदी ने।

हालांकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ही दूसरे मुखौटे स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने दिखावे के तौर पर 2017 में मोदी को एक पत्र लिखकर कहा कि ‘भारतीय रिजर्व बैंक के बोर्ड में नचिकेत मोर को बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि मोर के मुख्य नियोक्ता बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को विदेशी फंड प्राप्त होता है और आरबीआइ फंड का नियामक है। इसलिए यह हितों के टकराव का मामला है। बिल गेट्स का फाउंडेशन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए काम कर रहा है ताकि स्वास्थ्य एवं कृषि क्षेत्रों में सरकारी नीतियों को उनके पक्ष में प्रभावित कर सके।

स्वदेशी जागरण मंच ने मांग की थी कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अलावा नीति आयोग, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और केंद्रीय कृषि, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालयों को निर्देश दिए जाएं कि वे ऐसे संगठनों एवं उनके प्रतिनिधियों से दूरी बनाए रखें।

अब जब संघ एक ओर अपने सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक नरेंद्र मोदी के माध्यम से बिल गेट्स की सीधी पहुंच भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल में करवा दी थी और दूसरी तरफ स्वदेशी जागरण मंच से विरोध करवा रहा था तो भला उस पर कोई क्यों ध्यान देता। वह चिट्ठी कूड़ेदान में फेंकने के लिए ही लिखी गई थी तो वहीं किया गया। बात खत्म।

यही नचिकेत मोर थे जिन्होंने जन-धन खाते की मूल योजना की अनुशंसा की थी जिसे बाद में मोदी ने अपनाया और उसका खूब प्रचार प्रसार किया गया। लाभ क्या और कितना हुआ हिसाब लगाते रहिए।

कहने वाले तो यहां तक कहते हैं कि मोदी जी ने नोटबंदी बिल गेट्स और उनके अमेरिकी सहयोगियों के ही इशारे पर की थी।

Hari Menon was spied on by Pegasus spyware

अब जब यह पता लगा है कि पैगासस स्पाइवेयर के जरिए हरि मेनन की जासूसी की गयी है तो साफ जाहिर है कि इस जिओ पॉलिटिक्स के तार सात समंदर पार सीआइए के देश तक सीधे जुड़े हुए हैं।

यानी देश मजबूत हाथों में सुरक्षित है!

श्याम सिंह रावत

वरिष्ठ पत्रकार

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