Home » समाचार » कानून » डॉ. कफील पर रासुका लगाने की कड़ी निंदा की
Breaking news

डॉ. कफील पर रासुका लगाने की कड़ी निंदा की

The CPI (ML) strongly condemned the imposition of NSA on Dr. Kafeel.

इलाहाबाद हाई कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की

लखनऊ, 14 फरवरी। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) की राज्य इकाई ने अलीगढ़ में गत दिसंबर में एएमयू के छात्रों द्वारा बुलाई सभा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ बोलने के कारण गिरफ्तार कर मथुरा जेल में रखे गए डॉ. कफील (गोरखपुर) पर प्रदेश सरकार द्वारा शुक्रवार को ऐन रिहाई के मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा देने की कड़ी निंदा की है।

पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने आज जारी बयान में कहा कि योगी सरकार में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटा जा रहा है। सीएए का महज बोलकर विरोध करने के लिए डॉ. कफील को पहले एसटीएफ लगाकर पकड़ा गया और जब कोर्ट से उनकी रिहाई मंजूर हो गयी, तो उसे रोकने के लिए रासुका लगा दिया गया। यह रासुका जैसे कठोर (काले) कानून का दुरुपयोग है और डॉ. कफील के खिलाफ ज्यादती है। यह योगी सरकार की दमनकारी और नफरत की राजनीति का परिचायक है। यदि इस कानून का ऐसे लोगों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाना है, जो सरकार से असहमत हैं, तो कानून की किताब से रासुका को हटा देना चाहिए।

माले नेता ने डॉ. कफील पर तामील रासुका को वापस लेने और उन्हें रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय को योगी सरकार की इस दुर्भावनापूर्ण और गैर-जरूरी कार्रवाई पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

About hastakshep

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *