/hastakshep-prod/media/post_banners/DLtQzWBpi2Q8068XmY1m.jpg)
/filters:quality(1)/hastakshep-prod/media/post_banners/DLtQzWBpi2Q8068XmY1m.jpg)
The laborers should get their houses delivered free of cost by trains, the rent should be paid from the 'PM Care Fund'
लखनऊ, 2 मई। भाकपा (माले) ने केंद्र सरकार से प्रवासी मजदूरों को विशेष रेलगाड़ियों से उनके घरों तक निःशुल्क भेजने की मांग की है। इसका किराया न तो मजदूरों से और न ही संबंधित राज्य से वसूला जाए, बल्कि कोरोना महामारी के लिए बने 'पीएम केयर कोष' से चुकता किया जाए।
पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि एक तो केंद्र सरकार ने मजदूरों को घर भेजवाने के लिए ट्रेनें चलवाने का फैसला लेने में पहले ही काफी देर कर दी है, उस पर से लॉकडाउन में फंसे और रोजगार गवां कर भुखमरी का सामना कर रहे मजदूरों का रेल किराया लेना घोर निंदनीय व तकलीफदेह बात है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कारपोरेट को बैंकों से दिए 68 हजार करोड़ रुपये के कर्ज बट्टे खाते में डाल कर एक तरह से माफ किये जा रहे हैं, लेकिन जिन मजदूरों से देश चलता है और जिनके बनाये घरों में हम रहते हैं, उन्हें संकट की इस घड़ी में, जब खाने को भी पैसा नहीं है, अपने घरों तक जाने के लिए सरकार किराया वसूल रही है।
Indian Leaders Call for Improvement in Rural Healthcare via Solarization of Clinics
उन्होंने कहा कि कोरोना संकट से निपटने के नाम पर केंद्र व उत्तर प्रदेश की सरकार अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता समेत कई भत्ते रोक चुकी हैं। इसे कहीं से भी जायज नहीं ठहराया जा सकता है। पीएम केयर फंड में आये सैंकड़ों करोड़ रुपये के बावजूद फिर भी पैसों की कमी है, तो इसके लिए 'कोविड-19 संपत्ति कर' सम्पत्तिशाली वर्ग पर सरकार लगाए। लेकिन कोरोना से अर्थव्यवस्था में आये संकट का भार मजदूर वर्ग के कंधों पर कतई नहीं डाला जाना चाहिए।