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Jyotiraditya M. Scindia tweet loan waiver

मोदी से भी आगे जाएंगे सिंधिया, किसान कर्जमाफी पर दे दिया बयान पर अपना 7 दिन पुराना ट्वीट डिलीट करना भूल गए

किसान कर्जमाफी पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के आरोप की हकीकत

The reality of Jyotiraditya Scindia’s allegations on farmer loan waiver

Jaipur: Congress leader Congress leader Jyotiraditya Scindia addresses a press conference in Jaipur, on Dec 2, 2018. (Photo: Ravi Shankar Vyas/IANS)  नई दिल्ली, 11 मार्च 2020. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विपक्ष के निशाने पर रहते हैं। मोदी कुछ बोलते हैं, उसके थोड़ी ही देर बाद लोग सोशल मीडिया पर उनके बयान की चिंदिया बिखेरते नजर आते हैं। अब कांग्रेस से अपना राजनीतिक जीवन शुरू करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया जब भाजपा में शामिल हुए तो किसान कर्जमाफी पर ऐसा बयान दे गए, जिसे उनकी खुद की ट्विटर टाइमलाइन ही झुठला रही है।

दरअसल भाजपा में शामिल होते वक्त सिंदिया ने आरोप लगाया कि कहा गया 10 दिन में कर्ज माफ करेंगे, 18 महीने बाद भी नहीं हो पाया। पिछले फसल का बीमा नहीं मिला। मंदसौर कांड के बाद जो सत्याग्रह छेड़ा था वो अधूरा रहा। किसानों के खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं।

बस यही कहतो वक्त सिंधिया चूक कर गए क्योंकि उन्होंने Mar 4, 2020 को 1:28 PM पर जो ट्वीट किया था, वह ट्वीट उनके आरोप को झुठलाने के लिए पर्याप्त सुबूत है।

सिंधिया ने करेरा विधानसभा क्षेत्र के 1200 किसानों को ऋण माफ कर प्रमाण पत्र वितरित करते हुए अपने दो चित्र पोस्ट करते हुए ट्वीट किया था,

“जय किसान फसल ऋण माफी के द्वितीय चरण में आज करेरा विधानसभा के 1200 किसानों के 10 करोड़ को मिलाकर शिवपुरी जिले में कुल 7000 किसानों का 47 करोड़ से अधिक का ऋण माफ कर प्रमाण पत्र वितरित किये।”

इस ट्वीट को 1200 से अधिक लोगों ने रिट्वीट किया था और 13 हजार से धिक लोगों ने लाइक किया था।

Jyotiraditya M. Scindia tweet loan waiver

सिंधिया परिवार की संतानों का भारतीय प्रजातंत्र के किसी भी राजनैतिक दल में होना शर्मनाक और राष्ट्र विरोधी है

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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