आज है साल 2020 का आखिरी चंद्रग्रहण, भूल कर भी न करें ये काम

आज है साल 2020 का आखिरी चंद्रग्रहण, भूल कर भी न करें ये काम

Today is the last lunar eclipse of the year 2020

नई दिल्ली, 30 नवंबर 2020. आज 30 नवंबर 2020 का दिन काफी खास है क्योंकि आज कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली है तो वहीं कोरोना महामारी के बीच आज इस वर्ष का आखिरी चंद्रग्रहण (Last lunar eclipse of the year 2020) भी लगने जा रहा है।

The last lunar eclipse of 2020 will take about four hours

जी हां आज साल 2020 का आखिरी चंद्रग्रहण करीब चार घंटे के लिए लगेगा। बताया जा रहा है कि इस चंद्र ग्रहण की पूर्ण अवधि (Full duration of lunar eclipse) चार घंटे 18 मिनट और 11 सेकंड है। बता दें कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि (Full moon date of shukla paksha of kartik month) को ये चंद्र ग्रहण लग रहा है और इसकी शुरुआत दोपहर 1.04 मिनट पर हो जाएगी।

कहां-कहां देखा जा सकेगा साल का आखिरी चंद्रग्रहण | Where will the last lunar eclipse of the year be seen

ये चंद्रग्रहण भारत के साथ साथ ऑस्ट्रेलिया, एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी देखा जा सकता है।

What are the things to avoid during lunar eclipse

आईए आपको बता दें कि साल 2020 के इस आखिरी चंद्रग्रहण पर किनकिन चीजों को करने से बचें

सबसे पहले तो ये ध्यान रखें कि इस चंद्रग्रहण को अपनी नग्न आंखों से ना देखें। जी हां ऐसे करने से आपकी आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके साथ साथ ही हिंदू धर्म में मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान बालों में तेल लगाना, भोजन करना, पानी पीना, सोना, बाल बांधना, दातुन करना, कपड़े धोना, ताला खोलना आदि कार्य नहीं करने चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। अपनी धर्म की मान्यता के अनुसार किसी भी ग्रहण के दौरान न ही खाना बनाना चाहिए और न ही खाना खाना चाहिए। इसका कारण ये भी है कि चंद्रग्रहण शुरु होने से पहले सूतक काल लग जाता है लेकिन इस बार चंद्रग्रहण में ऐसा नही हैं।

जी हां इस साल के आखिरी चंद्रग्रहण से पहले सूतक की जगह उपछाया ग्रहण लग रहा है।

Pregnant women have to pay special attention at the time of lunar eclipse

आपको बता दें कि इस चंद्रग्रहण लगने के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देना होगा। दरअसल ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के हानिकारक प्रभाव से गर्भ में पल रहे शिशु के शरीर पर उसका नकारात्मक असर होता है। शिशु को किसी भी प्रकार की हानि न हो और जन्म के बाद शिशि में किसी तरह के दोष न हो इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जाती है।

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