छह सालों में मोदी ने असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण किया, ताकि अपने दोस्तों को लाभ पहुंचाएं – राहुल

Rahul Gandhi at Bharat Bachao Rally

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आज का भाषण |Today’s speech of former Congress President Rahul Gandhi

मोतीलाल वोरा जी, पी.एल.पुनिया जी, बघेल जी, मोहन मरकाम जी, सिंहदेव जी, चरणदास महंत जी, ताम्रध्वज साहू जी, मंत्री, सीनियर नेता, एम.एल.ए. यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस के भाईयों और बहनों, आप सबका आज मैं यहां स्वागत करता हूं। राजीव जी का जन्मदिवस है, तो आज हम सब उनको याद करते है, उनकी विचारधारा को हम याद करते हैं। देश की हालत आपको दिख रही है। उसके बारे में मैं थोड़ा सा बाद में बोलूंगा, मगर छत्तीसगढ़ में जो हम काम कर रहे हैं, गरीबों के लिए, आदिवासियों के लिए, किसानों के लिए, मजदूरों के लिए, उसके बारे में मैं थोड़ा सा कहना चाहता हूं।

    हमने किसानों को पैसा दिया और हमारी जो सरकार है, वे एक प्रकार से गरीबों की रक्षा करने वाली सरकार है। ये हम इसलिए करते हैं, क्योंकि हम समझते हैं कि हिन्दुस्तान को चलाने वाले लोग, हिन्दुस्तान को आगे ले जाने वाले लोग हमारे किसान हैं, मजदूर हैं, छोटे दुकानदार हैं, बेरोजगार युवा हैं और बिना उनकी रक्षा किए ये देश आगे नहीं जा सकता।

तो छत्तीसगढ़ इस मामले में जो पायनियरिंग काम कर रहा है, चाहे वो योजनाओं के माध्यम से हो, चाहे किसानों को डायरेक्ट पैसा देने की बात हो, चाहे वो आदिवासियों की मदद करने की बात हो, एक प्रकार से पायनियरिंग काम कर रहा है, मैं इसके लिए कांग्रेस पार्टी के लोगों को, चीफ मिनिस्टर को, कार्यकताओं को धन्यवाद देता हूं।

अब थोड़ा सा मैं आपको नेशनल लेवल की बात करना चाह रहा हूं।

आपको दिख रहा है कि देश में काफी लोगों को पिछले सालों में बहुत नुकसान हुआ है। कोरोना से पहले ही गरीब कमजोर वर्ग के लोगों पर सरकार एक के बाद एक आक्रमण कर रही है।

हिन्दुस्तान की आवाम को समझाना है, तो ये बात समझनी होगी। हिन्दुस्तान में दो अर्थ व्यवस्थाएं हैं। एक संगठित अर्थव्यवस्था उसमें बड़ी-बड़ी कंपनियां शामिल हैं, दूसरी असंठित अर्थव्यवस्था उनमें हमारे किसान हैं, मजदूर हैं, छोटे दुकानदार हैं और लाखों करोड़ों गरीब लोग हैं। अब कांग्रेस की जहां भी सरकार होती है, हम इन दो अर्थव्यवस्थाओं को बैलेंस करने का काम करते हैं।

आप पूछेंगे कि बैलेंस करने की क्या जरूरत है- बैलेस करने की जरूरत इसलिए है क्योंकि हिन्दुस्तान का शॉक एब्जार्बर का काम असंगठित व्यवस्था करती है। हिंदुस्तान की असंगठित अर्थव्यवस्था मजबूत है, सिक्योर है, तो कोई भी शॉक को एब्जार्ब कर लेती हैं और ये आज की बात नहीं है, ये हजारों साल से चल रहा है। जब भी हिंदुस्तान पर आक्रमण होता है, असंगठित अर्थव्यवसथा एब्जार्ब करती है। हमारी जो माताएं बहनें हैं, वह अपने घर में पैसा क्यों रखती हैं ? वो शॉक एब्जार्बर का काम करता है।

गाय की बहुत बात होती है। गाय क्या करती है, गरीब परिवार के  शॉक एब्जार्बर का काम करती है और ऐसे बहुत उदाहरण हैं, जो मैं आपको दे सकता हूं।

अब हुआ क्या कि पिछले छह सालों में नरेन्द्र मोदी जी ने असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण किया है, क्योंकि असंगठित अर्थव्यवस्था में पैसा है और नरेन्द्र मोदी जी उस पैसे को बिग बिजनेस के हवाले करना चाहते हैं।

कैसे आक्रमण किए मैं आपको बता देता हूं।

सबसे पहला आक्रमण नोटबंदी, नरेन्द्र मोदी जी ने गरीबों से कहा काले धन के खिलाफ लड़ाई है और उनसे अपना पैसा बैंक एकाउंट में डलवा लिया। उस पैसे का क्या इस्तेमाल हुआ ? उस पैसे से नरेन्द्र मोदी जी ने, जो संगठित अर्थव्यवस्था को कंट्रोल करने हिंदुस्तान के 10-15 सबसे बड़े उनके मित्र, क्रोनी केपीटलिस्ट जिसे हम कहते हैं, उनका कर्जा माफ किया और जो हमारे रीढ़ की हड्डी है, उस पर जबर्दस्त चोट नरेन्द्र मोदी ने की।

    उसके बाद गलत जीएसटी- ये जीएसटी सिर्फ टेक्स नहीं है, ये जीएसटी रास्ता साफ करने का तरीका है। आप कहोगे कैसे? मैं बताता हूं।

जीएसटी में अलग-अलग टेक्स लगाया है, 4-5 अलग-अलग टैक्स। ये 4-5 अलग-अलग टैक्स क्यों है, क्योंकि जो मजबूत आदमी हैं, वे आसानी से जाकर जहां उसे पहुंचना होता है, पहुंचकर टैक्स बदल सकता है। मगर जो किसान है, अंसगठित लोग हैं, गरीब हैं, मजदूर है, वो उसके बारे में कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि उनकी कोई पहुंच नहीं है। आज छत्तीसगढ़ को जो मिलना चाहिए, जो छत्तीसगढ़ के किसानो ंका पैसा है, मजदूरों का पैसा है, छोटे दुकानदारों का पैसा है, जो आपके शिक्षा के लिए पैसा मिलना चाहिए, स्वास्थ्य के लिए पैसा मिलना चाहिए, वो आज आपको हिंदुस्तान की सरकार नहीं दे रही है। अखबार में पढ़ने को मिलता है, जीएसटी देने का पैसा नहीं है। तो जीएसटी, जो हमारे प्रोडक्टिव राज्य है, जैसे छत्तीसगढ़, उनको चोट मारने का तरीका है। गरीबों से पैसे छीनकर उन्हें 15-20 अमीर लोगों को पैसा देने का तरीका है।

जीएसटी के बाद कोरोना- कोराना आया, बिना कोई नोटिस के नरेन्द्र मोदी ने सारा देश बंद कर दिया। मैं मजदूरों से मिला और उन सबने मुझसे एक बात पूछी। एक परिवार ने मुझे कहा कि हम पंजाब में काम करते थे। नरेन्द्र मोदी जी ने बिना किसी वार्निंग एकदम से लॉकडाउन क्यों किया। हमें घर से बाहर फेंक दिया गया। हमारा जो सामान था वह हमें पंजाब में छोड़ना पड़ा और हम बिहार की ओर चल पड़े। उन्होंने मुझसे पूछा की नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन बिना वार्निंग के एकदम क्यों किया। इसके पीछे सोच….. सोच है, हमारी जो असंगठित अर्थव्यवस्था है, उनको चोट पहुंचाने की, रास्ता साफ करने की। हमने मोदी जी की सरकार से कहा एकदम आप पैकेज दीजिए, रूकिए मत। बिना सोचे छोटे दुकानदारों को, स्माल एवं मीडियम बिजनेस को आप पैसा दीजिए, क्योंकि यदि ये नहीं बचे तो, हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था नहीं बचेगी। नरेन्द्र मोदी ने एक रूपया नहीं दिया। पैसे किसको दिया ? लाखों करोड़ रूपए से उन्हीं 15-20 लोगों का कर्ज माफ किया।

मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि जीएसटी आपको नहीं मिल सकती, मगर उन 15 लोगों का कर्ज माफ हो सकता है। उन 15 लोगों को लाखों करोड़ों रूपए टैक्स ब्रेक में किया जा सकता है। आपने क्या गलती की है, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने क्या गलती की है, छत्तीसगढ़ के किसानों ने क्या गलती की है, छत्तीसगढ़ के मजदूरों ने क्या गलती की है ? जो आपका हक है, आपको नहीं मिल सकता, पर उनके जेब में जा सकता है।

कुछ तो नतीजा आएगा, एक बात समझनी होगी। 90 प्रतिशत रोजगार असंगठित अर्थव्यवस्था देती है। हिंदुस्तान के ये लोग कौन हैं, ये छोटे बिजनेस वाले हैं, मिडिल स्केल बिजनेस वाले हैं, किसान हैं। अभी इस सिस्टम को नरेन्द्र मोदी ने नष्ट कर दिया है, खत्म कर दिया है। आप देखना जैसे ही लॉकडाउन उतरेगा एक के बाद एक, एक के बाद एक कम्पनियां गिरेंगीं। स्माल और मिडियम बिजनेस वाले सब खत्म हो जाएंगे और आप जानते हैं कि वो तो हो रहे हैं, आज भी हो रहे हैं, तो फिर हिंदुस्तान में क्या होगा ? ये देश रोजगार नहीं दे पाएगा। ये देश अपने युवाओं को आने वाले समय में रोजगार नहीं दे पाएगा और ये अब देखने को मिलेगा। पहली बार हिंदुस्तान की हिस्ट्री में हमारा देश 70 साल में जो कभी नहीं हुआ, हमारा देश अपने युवाओं को रोजगार नहीं दे पाएगा।

आप मेरी बात को मत मानो, राहुल बहुत बोल रहा है, मैंने कहा था जबरदस्त नुकसान होने वाला है, मीडिया वालों ने मेरा मजाक उड़ाया, कोरोना के वक्त भी मैंने कहा था, बात मत मानो…… आपको दिख जाएगा कि ये देश आने युवाओं को रोजगार नहीं दे पाएगा। क्योंकि रोजगार देने वाले जो लोग हैं, स्माल और मीडियम बिजनेस वाले किसान, ये रोजगार नहीं दे पाएंगे, क्योंकि बर्बाद हो जाएंगे।

    सबसे बड़ा सवाल होता है, हमारी जिम्मेदारी क्या है, छत्तीसगढ़ में हमारी जिम्मेदारी क्या है ? हिन्दुस्तान में पार्टी की जिम्मेदारी क्या है? सबसे पहले देश को जोड़ने का काम, तोड़ने का नहीं जोड़ने का काम- और जो हमारे गरीब लोग हैं, चाहे वह किसान हो, मजदूर हो, स्माल मिडिल बिजनेस वाले हों, दुकानदार हों, उनकी आवाज उठाने का काम है।

मैं यह नहीं कह रहा हूं, हमें संगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण करना है। नहीं, ये कह रहा हूं कि हिन्दुस्तान को असंगठित अर्थव्यवस्था और संगठित अर्थव्यवस्था के बीच बैलेंस बनाना पड़ेगा। अगर यह बैलेंस टूट गया तो, पूरे देश को बहुत बड़ा नुकसान होने वाला है। इस बैलेस को नरेन्द्र मोदी ने तोड़ दिया है, तो हमारा काम इस बैलेंस को फिर से बनाने का है। एक तरफ असंगठित लोगों को मदद करने का है, उसमें भोजन का अधिकार, जो आपकी किसान को पैसा देने की योजना, ये सब है और दूसरी तरफ जिसे हम डेव्लपमेंट कहते हैं, विकास कहते हैं, इन दोनों को बैलेंस करने की जरूरत है। ये हमारी जिम्मेदारी है और कहीं भी भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एक हिन्दुस्तानी को दूसरे हिन्दुस्तानी से लड़ाती है, जहां भी ये लोग नफरत फैलाते हैं, वहां पर कांग्रेस पार्टी के सिपाही को लोगों को जोड़ने की जरूरत है।

मैं आप लोगों को बधाई देना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के लिए लड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ की सरकार, हमारे मुख्यमंत्री, हमारे मंत्री सब मिलकर ये जो बैलेंस है इसको मेनटेन करने की कोशिश कर रहे हैं और कमजोर लोगों की रक्षा कर रहे हैं।

मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। और आपने जो राजीव भवन तैयार किया है, जिसका हम उद्घाटन कर रहे हैं, कांग्रेस पार्टी के, हर जिले में होना चाहिए और यदि ऑफिस खुलेंगे, तो इनके दरवाजे जनता के लिए खुले होने चाहिए। ये सिर्फ कांग्रेस पार्टी के ऑफिस नहीं, ये छत्तीसगढ़ के जनता के भवन हैं। नाम से तो राजीव गांधी भवन है, मगर ये छत्तीसगढ़ की जनता के भवन हों। कांग्रेस पार्टी के भवन हों, पर जनता के लिए खुले रहें। आप सबका में बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।

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