शौचालय में भ्रष्टाचार : स्वच्छ भारत मिशन में बड़ी स्वच्छता के साथ भ्रष्टाचार

Toilet corruption

प्रयागराज, 2 अक्तूबर 2020. कौंधियारा विकास खंड के पिपरहटा में विद्यालय और शौचालय में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सत्याग्रह के आज 40वें दिन प्रशासन की नींद टूटी। मौके पर कौधियारा खण्ड विकास अधिकारी डाँ कंचन पहुँची और सत्याग्रहियों को जाँच का आश्वासन देकर सत्याग्रहियों को सत्याग्रह खत्म करने की बात कही लेकिन बात नहीं बनी।

सत्याग्रहियों का कहना था कि जाँच का समय निश्चित कर दीजिए लेकिन समय निश्चित न कर पाने के कारण सत्याग्रह नहीं खत्म हुआ।

बीडीओ ने हलफनामा और ज्ञापन देने की बात की थी, जिसे आज भारतीय किसान यूनियन भानु के प्रतिनिधि मंडल ने विनय शुक्ला जिला उपाध्यक्ष की अगुवाई में मिलकर बीडीओ को हलफनामा के साथ साथ तीन सूत्रीय माँग का राष्ट्रपति पति के नाम का ज्ञापन भी डी ओ को दिया।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें – गाँवों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय की जाँच हो।

गाँवों को खुले में शौच करने पर रोक लगे और शौचालय के भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर कानूनी कार्यवाही की जाए।

उपाध्यक्ष विनय शुक्ला ने शौचालय की जाँच की मांग की और कहा कि लाखों खर्च करने के बाद लोग खुले में शौच कर रहे हैं जिससे तमाम बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सरकार को इसकी जाँच तत्काल कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करना चाहिए।

प्रतिनिधि मंडल में सतीश दुबे महाकाल, श्याम सिंह, गोविंद तिवारी, राजमणि बिंद शामिल थे। कोविड 19 का पालन करते हुए कार्यवाही न होने तक जारी रहेगा।

भ्रष्टाचार खिलाफ चल रहा सत्याग्रह 41वें दिन जारी है।

भारतीय किसान यूनियन (भानु )की किसान पंचायत के बाद ब्लॉक अधिकारियों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्राम निधि )पिपरहट्टा का स्टेटमेंट और लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराया गया जिसके मिलान करने से लगता है कि गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़ी स्वच्छता के साथ भ्रष्टाचार हुआ है जिसके कारण लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं और अधिकारी आंदोलनकारियों से ना तो मिलने आ रहे हैं और ना जांच करने की उनकी नियत है।

ब्लॉक अधिकारियों द्वारा कुल 554 लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई है तथा यह भी स्पष्ट बताया गया है कि 554 लाभार्थियों के लिए शौचालय का निर्माण कराया गया है।

554 शौचालयों में 167 शौचालय के पैसे लाभार्थियों के खाते में डाले गए हैं और शेष 387 लाभार्थियों के शौचालय का निर्माण ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान द्वारा कराया गया है यदि गांव का  निरीक्षण किया जाए तो करीब 100 शौचालय तो अपूर्ण मिलेंगे इसमें किसी में सीट नहीं है, गड्ढा नहीं है ,सीट नहीं है ,छत नहीं है ,और करीब 50 लाभार्थियों के शौचालय शायद पूर्ण मिले शेष 400 शौचालय धरातल पर ही नहीं है और गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों की जांच यदि कर दी जाएगी तो अधिकारी भी लपेटे में आ जाएंगे जिसके कारण अधिकारी जांच नहीं कर रहे हैं।

बैंक स्टेटमेंट और सूची का मिलान करने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानु )निर्णय लिया कि आन्दोलन अब भारतीय किसान यूनियन (भानू )के बैनर तले लड़ा जाएगा।

धरने के 40 में दिन भारतीय किसान यूनियन भानू के मंडल महासचिव के के मिश्रा ने इसकी कमान सम्हाली और कहां की एक तरफ सरकार महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है नवरात्रि के पहले दिन मुख्यमंत्री जी ने मिशन शक्ति योजना का शुभारंभ किया लेकिन आज वही नारियों के लिए बनाए गए शौचालय आधे अधूरे अपूर्ण हैं और उसमें चरम सीमा पर भ्रष्टाचार हुआ है लेकिन पूरा का पूरा सरकारी अमला 40 दिन धरना चलने के बावजूद भी मौन है, जिससे सरकार की महिलाओं के प्रति सम्मान में कथनी और करनी में फर्क साफ नजर आ रहा है जिसका कारण ही अधिकारी भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य निश्चित रूप से कागजों में पूरा कर अधिकारियों ने सरकार को भी गुमराह करने की कोशिश की है और समस्या लाखों करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद जस की तस बनी हुई है।

यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।

रिपोर्ट अंकित तिवारी (स्वतंत्र पत्रकार इलाहाबाद)

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