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S.R. Darapuri एस आर दारापुरी,

बर्बाद किसानों के लिए टोल फ्री नम्बर भद्दा मज़ाक – दारापुरी

Toll free number for ruined farmers unsightly joke – Darapuri

मजदूर किसान मंच चलायेगा राहत अभियान

26 मार्च को लोकतंत्र बचाओ सम्मेलन में उठेगा किसानों का सवाल

लखनऊ 14 मार्च 2020 : मजदूर किसान मंच के अध्यक्ष एस आर दारापुरी ने कहा है कि भीषण ओलावृष्टि और वर्षा से पूरे तौर पर बर्बाद हो चुके किसानों के लिए टोल फ्री नम्बर (Toll free number for farmers who have been completely destroyed by heavy hail and rain) जारी करना और उसमें यह शर्त रखना कि जो किसान 72 घण्टे में अपने नुकसान की सूचना इस नम्बर पर देगा उसे ही मुआवजा दिया जायेगा, किसानों के साथ भद्दा मजाक है।

उन्होंने बताया कि कल मजदूर किसान मंच के कार्यकर्ताओं ने सोनभद्र जिले के  करहिया, सिसंवा, झापर, आरंगपानी आदि विभिन्न गांवों में तबाह हुए किसानों से मुलाकात की थी।

श्री दारापुरी ने कहा कि तहसील प्रशासन को दुद्धी तहसील में भीषण ओलावृषि्ट और वर्षा के कारण तबाह हुए कुछ किसानों की सूची सौंपकर तत्काल राजस्व कर्मियों के माध्यम से सत्यापन करा कर मुआवजा देने की मांग की थी और इस सम्बन्ध में तहसीलदार दुद्धी से फोन पर बात भी की थी। लेकिन आज तक बर्बाद हुए किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया गया। उल्टे सरकार ने टोल फ्री नम्बर जारी कर किसानों को ही शिकायत करने के आदेश दे दिए हैं।

उन्होंने आगे कहा है कि दुद्धी तहसील का ग्रामीण अंचल, जहां 72 प्रतिशत लोग निरक्षर है वहां टोल फ्री नम्बर की व्यवस्था किसानों के साथ भद्दा मजाक है। उन्होंने कहा कि दुद्धी में जिस तरह किसानों की फसल की बर्बादी हुई है वह आने वाले दिनों में बडे पैमाने पर भुखमरी पैदा करेगा. इसलिए सरकार को तत्काल मुआवजा तो देना ही चाहिए साथ ही लोगों की जिंदगी बचाने के लिए वनाधिकार कानून में दावा की जमीन पर हुई फसल की बर्बादी का भी मुआवजा देने, मनरेगा में बडे पैमाने पर रोजगार देने, बकाया मजदूरी का अविलंब भुगतान करने व सभी पात्र गृहस्थी परिवारों को 50 किलो गेंहू, चावल, दाल, सरसों का तेल व नमक आदि का वितरण भी करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मजदूर किसान मंच की ग्राम स्तरीय इकाईयां किसानों के लिए राहत अभियान चलाएंगी और मैं जल्दी ही उस क्षेत्र की यात्रा भी शुरू करूँगा। राहत अभियान में पीड़ित किसानों की सूची बनाकर प्रशासन को दी जायेगी और 26 मार्च को राबर्ट्सगंज में आयोजित लोकतंत्र बचाओ सम्मेलन में भी किसानों की जिंदगी की रक्षा के सवाल को उठाया जायेगा।

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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