Home » समाचार » तकनीक व विज्ञान » सफेद मक्खी प्रतिरोधी कपास का परीक्षण करेगा सीएसआईआर
Research News

सफेद मक्खी प्रतिरोधी कपास का परीक्षण करेगा सीएसआईआर

White fly attack on Cotton crop | White fly is among the world’s top ten destructive pests | Top 10 insect pests to plants

नई दिल्ली, 21 मार्च 2020. वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों ने टेक्टेरिया मैक्रोडोंटा फर्न के जीन्स के उपयोग से कपास की एक कीट-प्रतिरोधी ट्राँसजेनिक किस्म विकसित की है। यह किस्म सफेद मक्खी के हमले से कपास की फसल को बचाने में मददगार हो सकती है। जल्दी ही कपास की इस किस्म का परीक्षण शुरू किया जाएगा। यह जानकारी सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ शेखर सी. मांडे ने हाल में मैसूर में एक कार्यक्रम के दौरान दी है।

कपास की यह किस्म लखनऊ स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई है। एनबीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ पी.के. सिंह ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि “पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के फरीदकोट केंद्र में अप्रैल से अक्टूबर के दौरान कपास की इस किस्म का परीक्षण किया जाएगा।”

डॉ सिंह ने बताया – “यह कीट-प्रतिरोधी किस्म विकसित करने के लिए शोधकर्ताओं ने पौधों की जैव विविधता से 250 पौधों की पहचान की है, जिनमें ऐसे प्रोटीन अणुओं का पता लगाया जा सके, जो सफेद मक्खी के लिए विषैले होते हैं। सभी पौधों के पत्तों के अर्क को अलग-अलग तैयार किया गया था, और सफेद मक्खी को उन पत्तों को खाने के लिए दिया गया। इन पौधों में से, एक खाद्य फर्न टेक्टेरिया मैक्रोडोंटा का पत्ती अर्क सफेद मक्खी में विषाक्तता पैदा करते हुए पाया गया है।” इसी आधार पर टेक्टेरिया मैक्रोडोंटा के जीन्स के उपयोग से कपास की यह ट्रांसजेनिक प्रजाति विकसित की गई है।

टेक्टेरिया मैक्रोडोंटा संवहनी पादप (ट्रैकेओफाइट) समूह का हिस्सा है। इस पौधे को नेपाल में सलाद के रूप में उपयोग किया जाता है। एशिया के कई क्षेत्रों में गैस्ट्रिक विकारों को दूर करने के लिए भी इस समूह के पौधों का उपयोग होता है, जो इनमें कीटनाशक प्रोटीन के मौजूद होने की संभावना को दर्शाते हैं।इस समूह के पौधों में लिगिनत ऊतक (जाइलम) पाए जाते हैं, जो भूमि से प्राप्त जल एवं खनिज पदार्थों को पौधे के विभिन्न अंगों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं।

सफेद मक्खियों को जब कीटनाशक प्रोटीन की सीमित मात्रा के संपर्क में रखा गया तो उनके जीवन-चक्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। इन बदलावों में सफेद मक्खी द्वारा खराब एवं असामान्य अंडे देना औरनिम्फ, लार्वा तथा मक्खियों का असाधारण विकास शामिल है। हालाँकि, दूसरे कीटों पर इस प्रोटीन को प्रभावी नहीं पाया गया है।

डॉ सिंह ने कहा –

“इससे पता चलता है कि यह प्रोटीन विशेष रूप से सफेद मक्खी पर अपना असर दिखाता है। प्रोटीन की विषाक्तता का परीक्षण चूहों पर करने पर इसे स्तनधारी जीवों के लिए भी सुरक्षित पाया गया है।”

सफेद मक्खी न केवल कपास, बल्कि अन्य फसलों को भी नुकसान पहुँचाने के लिए जानी जाती है।

यह दुनिया के शीर्ष दस विनाशकारी कीटों में शामिल है, जो दो हजार से अधिक पौधों की प्रजातियों को नुकसान पहुँचाते हैं और 200 से अधिक पादप वायरसों के वेक्टर के रूप में भी कार्य करते हैं। वर्ष 2015 में सफेद मक्खी के प्रकोप सेपंजाब मेंकपास की दो तिहाई फसल नष्ट हो गई थी, जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और वे कपास की खेती से मुँह मोड़ने लगे थे।

वैज्ञानिकों का कहना यह भी है कि बीटी (बेलिस थ्यूरेनजिनेसिस) कपास मुख्य रूप से बॉलवर्म जैसे कीटों से निपटने के लिए विकसित की गई थी, जो फसल को सफेद मक्खी के प्रकोप से बचाने में कारगर नहीं है। फसलों पर इसके प्रकोप को देखते हुए वर्ष 2007 में एनबीआरआई के वैज्ञानिकों ने सफेद मक्खी से निपटने के लिए कार्य करना शुरू किया था।

यह पूछे जाने पर कि कब तक कपास की यह किस्म किसानों के उपयोग के लिए उपलब्ध हो सकती है, डॉ सिंह ने बताया – “यह कई कारकों पर निर्भर करता है। सफेद मक्खी-रोधी जिन गुणों को कपास में शामिल किया गया है, यदि फील्ड में किए गए परीक्षणों में भी उन्हें प्रभावी पाया जाता है, तो इस किस्म को किसानों को खेती के लिए दिया जा सकता है। इससे पहले हमें यह देखना होगा कि क्या यह विशेषता कृषि वातावरण में भी उसी तरह देखने को मिलती है, जैसा कि प्रयोगशाला के परीक्षणों में देखी गई है।”

Topics – सफेद मक्खी, सफेद मक्खी की रोकथाम, कपास में सफेद मक्खी की दवा,कपास में रस चूसने वाले कीड़े और सफ़ेद मक्खी, सफेद मक्खी का उपचार, कपास में सफेद मक्खी का इलाज, कपास में कीटनाशक दवा,कपास की उन्नत खेती, कपास का उपयोग, White fly, white flying insect, white fly traps,whitefly spray,white fly attack on Cotton crop, whitefly in cotton crop,whitefly on cotton control agents, Top 10 insect pests to plants

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

Industry backs science based warning label on food packaging

उद्योग जगत ने विज्ञान आधारित खाद्य पैकेजिंग पर चेतावनी लेबल को दिया समर्थन

Industry backs warning label on science based food packaging नई दिल्ली, 16 मई 2022. गाँधी …