Best Glory Casino in Bangladesh and India! 在進行性生活之前服用,不受進食的影響,犀利士持續時間是36小時,如果服用10mg效果不顯著,可以服用20mg。
बीस ऐसे कानून जो हर भारतीय को जानना ही चाहिए

बीस ऐसे कानून जो हर भारतीय को जानना ही चाहिए

Twenty laws that every Indian must know

आज हम आपको 20 महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दे रहे हैं, जो एक आम आदमी को जानने के लिए अति आवश्यक हैं। लेकिन यह ध्यान रहे, यह खबर किसी भी हाल में कानूनी सलाह नहीं है।

ड्राइविंग के समय यदि आपके 100 मिली ब्लड में अल्कोहल का लेवल 30एमजी से ज्यादा मिलता है तो पुलिस बिना वारंट आपको गिरफ्तार कर सकती है।

किसी भी महिला को शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 बजे के पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।

पुलिस अफसर एफआईआर लिखने से मना नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने पर उन्हें 6 महीने से 1 साल तक की सजा हो सकती है।

कोई भी होटल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों न हो, आपको फ्री में पानी पीने और वाशरूम का इस्तेमाल करने से नहीं रोक सकता है।

कोई भी शादीशुदा व्यक्ति किसी अविवाहित लड़की या विधवा महिला से उसकी सहमति से शारीरिक संबंध बनाता है तो यह अपराध की श्रेणी में नहीं आता है।

यदि दो वयस्क लड़का या लड़की अपनी मर्जी से लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहते हैं तो यह गैर कानूनी नहीं है। इन दोनों से पैदा होने वाली संतान भी गैर कानूनी नहीं है और संतान को अपने पिता की संपत्ति में हक़ भी मिलेगा।

एक पुलिस अधिकारी हमेशा ही ड्यूटी पर होता है। चाहे उसने यूनिफॉर्म पहनी हो या न पहनी हो। यदि कोई व्यक्ति इस अधिकारी से शिकायत करता है तो वह यह नहीं कह सकता है कि वह पीड़ित की मदद नहीं कर सकता क्योंकि वह ड्यूटी पर नहीं है।

कोई भी कंपनी गर्भवती महिला को नौकरी से नहीं निकाल सकती है। ऐसा करने पर अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती है।

टैक्स उल्लंघन के मामले में, कर वसूली अधिकारी को आपको गिरफ्तार करने का अधिकार है, लेकिन गिरफ्तार करने से पहले उसे आपको नोटिस भेजना पड़ेगा। केवल टैक्स कमिश्नर यह फैसला करता है कि आपको कितनी देर तक हिरासत में रखना है।

तलाक निम्न आधारों पर लिया जा सकता है, हिंदू मैरिज एक्ट के तहत कोई भी कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दे सकता है। व्यभिचार, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना, नपुंसकता, बिना बताए छोड़कर जाना, हिंदू धर्म छोड़कर कोई धर्म अपनाना, पागलपन, लाइलाज बीमारी, वैराग्य लेने और 7 साल तक कोई अता-पता न होने के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की जा सकती है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 (Section 129 of the Motor Vehicles Act) में वाहन चालकों को हेलमेट लगाने का प्रावधान है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 128 में बाइक पर दो व्यक्तियों का बैठने का प्रावधान है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस के द्वारा गाड़ी या मोटर साइकिल से चाबी निकालना गैरकानूनी है इसके लिए आप चाहें तो उस कांस्टेबल या अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी कर सकते हैं।

केवल महिला पुलिसकर्मी ही महिलाओं को गिरफ्तार कर थाने ला सकती है। पुरुष पुलिसकर्मी को महिलाओं को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। गंभीर अपराध के मामले में मजिस्ट्रेट से लिखित आदेश प्राप्त होने पर ही एक पुरुष पुलिसकर्मी किसी महिला को गिरफ्तार कर सकता है।

बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि यदि उनका गैस सिलेंडर खाना बनाते समय फट जाये तो आप जान और माल की भरपाई के लिए गैस कंपनी से 40लाख रुपये तक की सहायता ले सकते हैं।

अगर आप किसी कंपनी से किसी त्यौहर के मौके पर कोई गिफ्ट लेते हैं तो यह रिश्वत की श्रेणी में आता है। इस जुर्म के लिए आपको सजा भी हो सकती है।

यदि आपका किसी दिन चालान काट दिया जाता है तो फिर दुबारा उसी अपराध के लिए चालान नहीं काटा जा सकता है।

कोई भी दुकानदार किसी उत्पाद के लिए उस पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक रुपये नहीं मांग सकता है। लेकिन उपभोक्ता, अधिकतम खुदरा मूल्य से कम पर उत्पाद खरीदने के लिए दुकानदार से भाव तौल कर सकता है।

यदि आपका ऑफिस आपको सैलरी नहीं देता है तो आप उसके खिलाफ 3 साल के अंदर कभी भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। लेकिन 3 साल के बाद आप रिपोर्ट करते हैं तो आपको कुछ नहीं मिलेगा।

यदि आप सार्वजनिक जगहों पर अश्लील गतिविधि में संलिप्त पाये जाते हैं तो आपको 3 महीने तक की कैद भी हो सकती है। लेकिन अश्लील गतिविधि की कोई स्पष्ट परिभाषा (Clear definition of pornographic activity) नहीं होने के कारण पुलिस इस कानून का दुरूपयोग करती है।

यदि आप हिंदू हैं और आपके पास आपका पुत्र है, पोता है या परपोता है तो आप किसी दूसरे लड़के को गोद नहीं ले सकते हैं। साथ ही गोद लेने वाले व्यक्ति और गोद लिये जाने वाले बच्चे के बीच कम से कम 21 साल का अंतर होना जरूरी है।

यदि आप दिल्ली में रह रहे हैं तो आपका मकान मालिक आपको बिना नोटिस दिये जबरन मकान खाली नहीं करा सकता है।

नोट – यह समाचार किसी भी हालत में परामर्श नहीं है। यह सिर्फ एक जानकारी है। कोई निर्णय लेने से पहले अपने विवेक का प्रयोग करें।)

स्रोत – देशबन्धु

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner