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Subramanian Swamy

सुब्रमण्यम स्वामी हार्वर्ड से बाहर निकाला गया था ? जावेद अख्तर ने स्वामी को क्यों सुलगा दिया ?

जावेद अख्तर और सुब्रमण्यम स्वामी में ट्विटर वार

Twitter war in Javed Akhtar and Subramanian Swamy

नई दिल्ली, 14 मार्च 2020. कोरोनावायरस से संघर्ष करने के लिए भारत भले ही तैयार न हो, लेकिन ट्विटर पर एक अलग ही लड़ाई चल रही है। शनिवार सुबह को यह लड़ाई किसी और के बीच नहीं, बल्कि भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी और गीतकार जावेद अख्तर के बीच ट्विटर पर देखी गई।

स्वामी द्वारा 8 जून 2018 का एक लेख, जिसमें आस्ट्रिया में सात मस्जिदों को बंद करने और 60 इमामों को धक्के देकर निकालने की बात कही गई थी, साझा किए जाने के बाद जावेद अख्तर ने उस पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

जावेद ने ट्वीट किया,

“जैसे कि आपको हार्वर्ड से बाहर निकाला गया था? आप इसी लायक हैं भी और मैं निश्चित हूं कि इमामों ने भी कुछ ऐसा ही किया होगा। आप सब एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हो।”

हालांकि भाजपा सांसद ने जो लेख साझा किया है, वह साल 2018 का है। यह लेख द वॉक्स में छपा था, जिसमें मस्जिदों को बंद किए जाने की खबर भी छपी थी।

 

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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