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ग्लोबल टाइगर डे : प्रियंका ने बाघ संरक्षण में लौह महिला इंदिरा गांधी के योगदान को याद किया

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Global Tiger Day: Priyanka remembers Indira’s contribution to tiger conservation

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2021. आज विश्व बाघ दिवस (ग्लोबल टाइगर डे global tiger day in Hindi- International Tiger Day in Hindi) है। इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने बाघों के संरक्षण के लिए 1973 में भारत में शुरू किए गए प्रोजेक्ट को अपनी दादी स्व. इंदिरा गांधी के योगदान को भी याद किया।

प्रियंका गांधी की फेसबुक पोस्ट

कांग्रेस महासचिव ने अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर बाघ के बच्चों को दुलार करती हुई स्व. इंदिरा गांधी की कई तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा,

मेरी दादी इंदिरा गांधी जी एक पर्यावरण प्रेमी इंसान थीं। उन्होंने अपने शासन काल में जंगलों, जंगल में रहने वाले जानवरों एवं प्रकृति के सरंक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए और इन फैसलों के दूरगामी परिणाम भी हुए।

बाघों के संरक्षण के लिए 1973 में शुरू किया गया प्रोजेक्ट टाइगर बाघों के सरंक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ। प्रोजेक्ट टाइगर की वजह से भारत में विलुप्त होती एक प्रजाति की हम रक्षा कर पाए और बाघों की संख्या को बढ़ा पाए।

आज विश्व बाघ दिवस (ग्लोबल टाइगर डे) के मौके पर उस दूरदर्शी प्रोजेक्ट टाइगर को याद करने का वक्त है।

इससे पहले कल विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर वृक्षारोपण करते हुए श्रीमती गांधी ने एक छोटा सा वीडियो शेयर करते हुए लिखा था –

“वृक्ष कबहुँ नहिं फल भखै, नदी न संचै नीर।”

प्रकृति हमें निस्वार्थ भाव से इतना कुछ देती है। आइए विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के मौके पर प्रकृति के सरंक्षण और उसके प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लें।

बता दें बाघ संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 29 जुलाई को वैश्विक वृक्ष दिवस मनाया जाता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के रूप में भी जाना जाता है। इसकी रूपरेखा 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट में बनाई गई थी।

पाठकों से अपील

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