विकास दुबे एनकाउंटर प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट जज से जांच कराई जाये : माले

CPI ML

पार्टी ने कहा, यूपी में कानून के शासन पर स्थायी लॉकडाउन लागू हो गया है

लखनऊ, 10 जुलाई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) की राज्य इकाई ने अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर पर कहा है कि यह कार्रवाई आठ पुलिसकर्मियों की हत्या प्रकरण का कोई अंत नहीं है, बल्कि इस मामले में कई अनुत्तरित प्रश्न हैं, जिनका विश्वसनीय जवाब चाहिए। पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय के जज के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

राज्य सचिव सुधाकर यादव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि यूपी सरकार जाहिरा तौर पर सच्चाई को सतह पर नहीं लाना चाहती है। पहले बिकरु (कानपुर) में अपराध की साइट को ध्वस्त कर दिया गया और अब विकास दुबे व उससे संबंधित बदमाशों को मार दिया गया। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ आपराधिक गिरोह व पुलिस बल के बीच मिलीभगत का सवाल नहीं है, बल्कि यहां सरकार पुलिस बल को निजी गिरोह के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार में कानून के शासन पर स्थायी लॉकडाउन लगा दिया गया है। यहां पुलिस व्यवस्था का मतलब धारावाहिक मुठभेड़ है। इस प्रक्रिया में पुलिसकर्मियों को भी कभी-कभी मारा जाता है। योगी सरकार कानून-व्यवस्था में सुधार लाने में नाकामयाब रही है। यूपी हत्या और अपराध का प्रदेश बन गया है। संवैधानिक शासन के दृष्टिकोण से यह स्थिति काफी परेशान करने वाली है।