Home » Latest » उन्नाव को हाथरस नहीं बनने देंगे ! महिलाओं, दलितों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं – ऐपवा
Meena Singh

उन्नाव को हाथरस नहीं बनने देंगे ! महिलाओं, दलितों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं – ऐपवा

Violence against women, Dalits is not tolerated -AIPWA

लखनऊ,18 फरवरी 2021. महिला संगठन अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने कहा है कि उन्नाव को हाथरस नहीं बनने दिया जाएगा और महिलाओं, दलितों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ऐपवा की लखनऊ संयोजिका मीना सिंह एक बयान जारी कर कहा है कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं व दलितों पर हिंसा बददस्तूर जारी है। इसी कड़ी में उन्नाव में एक बार फिर हाथरस दोहराने की साजिश की जा रही है। जहां तीन दलित लड़कियां जिनके हाथ पैर उन्हीं के दुपट्टे से बंधा था खेत में पाई गयी जिसमें से दो मृत व एक बेहोशी की हालत में थी। जिंदगी और मौत से जूझ रही बेहोश लड़की का इलाज चल रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के रामराज्य, उत्तर प्रदेश में एक तरफ प्रशासन इतना चुस्त दुरुस्त है कि किसी आंदोलन की घोषणा करने मात्र से गिरफ्तारियाँ शुरू हो जाती हैं, आंदोलनकारियों के घरों पर आधी रात से पुलिस बैठा दी जाती है, वहीं उत्तर प्रदेश में लगातार दलितों व महिलाओं पर बेतहाशा हिंसा जारी है और महिला हिंसा का गढ़ बन गया है उत्तर प्रदेश।

ऐपवा नेता ने कहा कि यह वही उन्नाव है, जहाँ कुछ साल पहले भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर न सिर्फ चर्चा में आये थे बल्कि हमारा विधायक निर्दोष है नारे के साथ रैली निकाली गई थी।

इन घटनाओं ने योगी सरकार के मिशन शक्ति की भी पोल खोल दी है।

ऐपवा ने मांग की है कि –

घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो और सभी दोषियों को कठोरतम दण्ड दिया जाय।

पीड़िता के समुचित इलाज की अच्छे अस्पताल में व्यवस्था हो ताकि उसकी जान बच सके और सच सामने आ सके।

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

Coal

केंद्र सरकार कोयला आयात करने के लिए राज्यों पर डाल रही है बेजा दबाव

The central government is putting undue pressure on the states to import coal लखनऊ, 18 …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.