हम बोलेंगे प्रशांत भूषण को सजा देना लोकतंत्र के लिए अशुभ है

Webinar meeting, Save Democracy Campaign,

लोकतंत्र बचाओ अभियान की वेबिनार बैठक दिनांक 19 अगस्त 2020

Webinar meeting of Save Democracy Campaign dated 19 August 2020

लखनऊ, 20 अगस्त 2020. प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने की परिस्थितियों में कल दिनांक 19 अगस्त 2020 को लोकतंत्र बचाओ अभियान की आपातकालीन वेबिनार बैठक हुई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, दिल्ली, उडीसा, झारखंड, हरियाणा आदि राज्यों से साथियों ने भागेदारी की और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडू व दक्षिण भारत के अन्य राज्यों के साथियों ने अन्याय के खिलाफ लोकतंत्र व न्याय के पक्ष में खडें होने पर अपनी सहमति व्यक्त की।

बैठक में प्रमुख रूप से में दलित चिंतक कंवल भारती, पूर्व न्यायधीश बी. डी. नकवी, पटना के साथी मदन जी, अशोक कुमार एडवोकेट, इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह, उडीसा के मधुसूदन शेट्टी, हाईकोर्ट के अधिवक्ता नितिन मिश्रा, पूर्व सीएमओ डा0 बी. आर. गौतम, वर्कर्स फ्रंट उपाध्यक्ष इंजीनियर दुर्गा प्रसाद, चित्रकार व चिंतक हिम्मत सिंह, हरियाणा के संजीव माथुर, महिला समाख्या की शगुफ्ता यासमीन, अध्यापक यू. के. श्रीवास्तव, राम गोपाल आजाद, जितेन्द्र धांगर, आलोक राजभर आदि ने अपनी बात रखी।

बैठक में प्रशांत भूषण को सजा सुनाने के खिलाफ आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट द्वारा जारी पोस्टर हम बोलेंगे प्रशांत को सजा देना लोकतंत्र के लिए अशुभ है, न्याय के लिए बोलना अपराध नहीं है, सभी राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं की रिहाई, काले कानूनों का खात्मे, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य के अधिकार, दुनिया में शांति के लिए और बराबरी के अधिकार पर सहमति व्यक्त की गयी। इस सम्बंध में राष्ट्रीय स्तर पर स्वराज अभियान, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट समेत अन्य संगठनों द्वारा कल आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए दोपहर 12 बजे से ही इसके लिए तैयार रहने का निर्णय लिया गया। बैठक में सजा सुनाएं जाने की स्थिति में गांव, शहर, कस्बा जहां भी हम है वहां अपने संगठनों के बैनर, झण्ड़े, के साथ सामुहिक/व्यक्तिगत रूप से विरोध दर्ज करने का निर्णय हुआ। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, वाट्सअप, ट्वीटर, इनस्ट्राग्राम आदि और हस्ताक्षर अभियान, नारेबाजी के रूप में विरोध किया जायेगा। सजा सुनाए जाने के बाद प्रशांत जी द्वारा किए जाने वाले सम्बोधन को भी हर साथी द्वारा सुना जाए यह निर्णय भी बैठक में हुआ। बैठक की अध्यक्षता आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस. आर. दारापुरी और संचालन दिनकर कपूर ने किया।

     बैठक में मौजूद अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि युग परिवर्तन हो रहा है। सरकार व सत्ता को अन्याय के खिलाफ राय जाहिर करना भी पसंद नहीं है। प्रशांत भूषण कोई अपनी लडाई नहीं लड रहे हैं। उन्होंने अन्याय के खिलाफ अपनी राय जाहिर की है। इसलिए जितने भी लोग देश में लोकतंत्र में विश्वास करते है उन्हें आपसी मतभेदों को भूल कर एकजुट हो इसके विरूद्ध प्रतिवाद में उतरना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आरएसएस ने जो चुनौती पेश की है उससे लड़ने की क्षमता तो जनता में है और अपने स्तर पर लोग लड़ भी रहे हैं आज जरूरत इससे मुकाबले के लिए एकताबद्ध होकर राजनीतिक भूमिका निभाने की है।

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