कैसा पीएम है यह, जिसे जनता की पीड़ा और तबाही नजर नहीं आती ?

कैसा पीएम है यह, जिसे जनता की पीड़ा और तबाही नजर नहीं आती ?

मोदीजी ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगा, सोमनाथ करते-करते देश की समूची अर्थव्यवस्था चौपट कर दी। करोड़ों लोगों की नौकरी चली गई, लेकिन नौकरियां बचाने का कोई काम नहीं किया। रिजर्व बैंक खाली पड़ी है। देश को नहीं मालूम कि कितने का कर्ज है, कितने बेकार हैं, कितने लोग भुखमरी के शिकार हैं। आप इतने पर ही खुश हैं कि मोदी गंगा गए, सोमनाथ गए, राममंदिर गए, गंगा गए, दीपदान करने गए। ये काम तो वे बिना पीएम बने भी कर सकते थे।

ये सब काम करने के लिए ही पीएम बने थे तो बकबास भाषण क्यों किए, बोगस वायदे क्यों किए। यही कहते कि पीएम बनूँगा तो तीर्थाटन करूँगा, दीपदान करूँगा, बद्रीनाथ केदारनाथ जाऊंगा, जनता से झूठ बोलना, जनता के जीवन में हस्तक्षेप करके उसकी अर्थव्यवस्था को चौपट करना क्या यही भगवान से सीखा ?

भगवान ने कभी किसी को यह सीख नहीं दी कि जनता की आर्थिक रक्षा न करो। जनता के रोजगार पर हमले करो। जनता से अहर्निश झूठ बोलो। जनता में नफरत पैदा करो। ये सब भगवान के किसी ग्रंथ में नहीं लिखा।

सवाल यह है यह कैसा पीएम है जिसे जनता की पीड़ाएं और तबाही नजर नहीं आती ? सिर्फ अपनी गद्दी बचाने की अहर्निश चिन्ता लगी रहती है।

दीपदान, भगवान की पूजा आदि से आम जनता को नौकरियां मिलने वाली नहीं हैं, किसानों को इनकी फसल के वाजिव दाम मिलने वाले नहीं हैं। यह साधारण सी बात आपके भी दिमाग में नहीं आ रही।

लोकतंत्र का जन्म कैसे हुआ?

लोकतंत्र भगवान के मंदिरों और दीपदान से पैदा नहीं हुआ। लोकतंत्र का जन्म आम जनता को संगठित संघर्ष में उतारकर, नीतिगत कार्यक्रम पर एकमत करके हुआ है। उसके लिए हजारों लोगों ने जान दी, लाखों जेल गए, यातनाएं झेलीं, फांसी पर चढ़े।

भगवान पूजा नहीं है लोकतंत्र का मतलब

भगवान पहले भी था पर लोकतंत्र नहीं था,मंदिर पहले भी थे,पर लोकतंत्र नहीं था। लोकतंत्र का जन्म हुआ आम जनता को धर्म के आभामंडल से बाहर लाकर,यथार्थ देखने का नजरिया विकसित करके।

यथार्थ मत देखो, भगवान देखो, नरेन्द्र मोदी सुनियोजित ढंग से इस लाइन पर आम जनता को ठेल रहे हैं और राष्ट्र-राज्य और आम जनता की आर्थिक-सांस्कृतिक-राजनीतिक क्षति कर रहे हैं। उन्होंने आम जनता में यथार्थ मत देखो, मोदी देखो। जनता के कष्ट मत देखो, भगवान देखो। यह धारण पैदा करके दिमागी और आर्थिक कंगाली पैदा की है और यही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।

जगदीश्वर चतुर्वेदी

राहुल गांधी ने मोदी जी की वाट लगा दी!

What kind of PM is this, who does not see the suffering and devastation of the people?

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