ना करें बीमार होने का इंतज़ार, पहले ही करें रोकथाम

ना करें बीमार होने का इंतज़ार, पहले ही करें रोकथाम

Do not wait to get sick, do prevention in advance

आजकल की भागदौड़ की जिंदगी व अनियमित दिनचर्या की वजह से हमें बीमारियों को आने से रोक पाना एक बहुत बड़ी चुनौती है. अपने स्वास्थ्य को शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक तौर पर संतुलित रखना एक संपूर्ण  स्वस्थ व्यक्ति का द्योतक (sign of healthy person) है, जिसे संतुलित आहार (balanced diet), नियमित दिनचर्या, नित्य प्रति व्यायाम, और पर्याप्त नींद के माध्यम से प्राप्त किए जाने पर हमेशा से जोर दिया जाता रहा है. किंतु बदलती परिस्थितियों में अब इन माध्यमों से भी स्वस्थ शरीर को पाना कठिन होता जा रहा है.

और भी ज्यादा बढ़ गया है बीमारियों के होने का खतरा

मशीनों के बढ़ते प्रयोग, प्रदूषण, मिलावट, कीटनाशकों के प्रयोग एवं शारीरिक श्रम के कम होने से बीमारियों के होने का खतरा (risk of diseases) और भी ज्यादा बढ़ गया है.

नियमित स्वास्थ्य जांच का महत्व (Importance of regular health check-up)

ऐसे में प्रश्न उठता है कि स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या करना चाहिए? वरिष्ठ डॉक्टर आजकल जल्द से जल्द बीमारियों को पकड़ने के लिए या उनका निदान करने के लिए नियमित रूप से जांच एवं परामर्श की सलाह देते हैं.

कुछ एक सामान्य जांचों से बड़ी बीमारियों के आने का अंदेशा लग जाता है ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच (regular health check-up) स्वास्थ्य रक्षा के लिए एक बड़ा माध्यम सिद्ध हो सकता है. नियमित स्वास्थ्य जांच कराने से हम आने वाली बीमारियों को सही समय पर रोक भी सकते हैं और उनकी जटिलताओं को और जोखिम को कम कर सकते हैं.

40 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच क्यों जरूरी है?

सामान्यतः 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच की ज्यादा आवश्यकता होती है क्योंकि उन्हें खतरनाक बीमारियों से प्रभावित होने की संभावना बढ़ती हुई उम्र के साथ बढ़ती जाती है. वैसे तो आज की बदली हुई परिस्थितियों में यह भी देखा जा रहा है कि 25 वर्ष के बाद भी हृदय रोग एवं हृदय आघात (heart disease and stroke) जैसे गंभीर रोग प्रारंभ होने लगे हैं.

हम सस्ती और सुगम जांचों से गंभीर बीमारियां जैसे मधुमेह (diabetes), उच्च रक्तचाप (high blood pressure), हृदय रोग (heart disease), किडनी रोग (kidney disease), मुख के कैंसर (oral cancer), शरीर में किसी गांठ के कैंसर में परिवर्तित होने का सही समय पर निदान कर बढ़ने से या फैलने से रोक सकते हैं.

आपके लिए कौन सा हेल्थ चैकअप पैकेज उचित है?

विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए और रोग के अनुसार भी हेल्थ चैकअप पैकेज उपलब्ध हैं, जिनका लाभ आसानी से उठाया जा सकता है.

यदि हम कुछ सामान्य जांचों की बात करें तो उच्च रक्तचाप जैसी बीमारी को निरंतर रूप से ब्लड प्रेशर चेक कराने से रोका जा सकता है. वहीं मधुमेह जैसी बीमारी को समय-समय पर ब्लड शुगर फास्टिंग (fasting blood sugar) एवं ब्लड शुगर पीपी (blood sugar pp) एवं 3 महीने का एवरेज ब्लड शुगर बताने वाला टेस्ट hba1c को करा कर इसका निदान किया जा सकता है.

यदि हम हृदय से संबंधित बीमारियों की बात करें तो लिपिड प्रोफाइल (lipid profile) जिसमें कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड की मात्रा की जांच की जाती है और साथ ही साथ एचडीएल यानी कि अच्छा कोलेस्ट्रोल और एलडीएल जिसे बुरा कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है उसकी मात्रा को भी जांच कर हृदय के अंदर होने वाली वसा की जमा होने की वजह से ब्लॉकेज को रोका जा सकता है, साथ ही किसी भी प्रकार का हृदय में दर्द होने पर या चुभन होने पर एक सामान्य टेस्ट ईसीजी के माध्यम से हृदय की स्थिति को जाँचा जा सकता है और हृदय आघात एवं हृदय की अन्य अनियमितताओं जैसी बड़ी बीमारियों को पकड़ा जा सकता है.

heart disease
45 वर्ष से अधिक लोगों के लिए जरूरी स्वास्थ्य जांचें (Required health checks for people over the age of 45)

45 वर्ष से अधिक लोगों को प्रतिवर्ष हृदय रोग के निदान के लिए ट्रेडमिल टेस्ट, एवं इकोकार्डियोग्राफी (echocardiography) एवं चेस्ट x-ray भी कराते रहना चाहिए.

किडनी की बीमारियों का सीरम क्रिएटिनिन (Serum creatinine test), ब्लड यूरिया एवं ब्लड नाइट्रोजन जैसी सामान्य रक्त जांच से सही समय पर निदान किया जा सकता है.

पेट की विभिन्न बीमारियों और गाल ब्लैडर की पथरी को अल्ट्रासाउंड के माध्यम से निदान किया जा सकता है.

पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के लिए जांच (Screening for prostate cancer in men)

पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर (prostate cancer in men) बहुत ही सामान्य है जिसे एक खून की जांच पी.एस.ए. के माध्यम से पकड़ा जा सकता है और वही महिलाओं में दूसरी ओर स्त्री कैंसर को पैप स्मीयर इजाज द्वारा पकड़ा जा सकता है.

रक्त कैंसर को हम सीबीसी या कंपलीट हीमोग्राम टेस्ट (CBC or complete hemogram test) के माध्यम से निदान कर सकते हैं.

अन्य बीमारियों के लिए हम अपने फैमिली फिजिशियन या जनरल फिजिशियन से परामर्श कर संबंधित जाकर करवा सकते हैं और बीमारियों को बढ़ने से सही समय पर रोक सकते हैं.

गौरव पाण्डेय,

वरिष्ठ स्वास्थ्यविद यशोदा अस्पताल गाजियाबाद

(नोट : यह खबर किसी भी परिस्थिति में चिकित्सकीय सलाह नहीं है। यह समाचारों में उपस्थित सूचनाओं के आधार पर जनहित में एक अव्यावसायिक जानकारी मात्र है। किसी भी चिकित्सा सलाह के लिए योग्य व क्वालीफाइड चिकित्सक से संपर्क करें। स्वयं डॉक्टर कतई न बनें।)

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.