हाइजीन (सफाई एवं स्वच्छता) को बढ़ा कर रोका जा सकता है हेपेटाइटिस का खतरा : डॉ नरेश अग्रवाल

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ उदर एवं लिवर विशेषज्ञ (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) डॉ. नरेश अग्रवाल (Gastroenterologist Dr. Naresh Aggarwal)

नई दिल्ली, 27 जुलाई 2020. ‘विश्व हेपेटाइटिस दिवस’ हेपेटाइटिस के बारे में जागरूकता बढ़ाने हेतु अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष 28 जुलाई को मनाया जाता है।

The date of 28 July was chosen because it is the birthday of Nobel-prize winning scientist Dr Baruch Blumberg, who discovered the hepatitis B virus (HBV) and developed a diagnostic test and vaccine for the virus.

28 जुलाई के दिन ही नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ बारुख ब्लंबरबर्ग का जन्मदिन है, जिन्होंने हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी) की खोज की तथा वायरस के लिए नैदानिक परीक्षण तथा टीका विकसित किया।

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ उदर एवं लिवर विशेषज्ञ (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) डॉ. नरेश अग्रवाल (Gastroenterologist Dr. Naresh Aggarwal) ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि वायरल हेपेटाइटिस बी और सी का समय पर परीक्षण और उपचार जीवन को बचा सकता है।

क्या है हेपेटाइटिस | What is Hepatitis

उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस लीवर (यकृत) की सूजन है। जिसकी वजह से लिवर का सिकुड़ना, या लिवर कैंसर विकसित हो सकता है।

वहीं यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी के दूसरे उदर एवं लिवर विशेषज्ञ (gastroenterologist in hindi) डॉ. हरित कोठारी ने बताया कि साठ प्रतिशत से अधिक लिवर (यकृत) कैंसर के मामले वायरल हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण के परीक्षण और उपचार में विलंब के कारण होते हैं।

उन्होंने बताया कि समुदाय में हेपेटाइटिस के सभी प्रकारों के बारे में जागरूकता प्रसारण रोग के संचारण को कम करने में मदद करता है। अल्कोहल और धूम्रपान को कम करने के लिए जागरूक करना भी बहुत जरूरी है।

हेपेटाइटिस से बचाव के लिए क्या करें | What to do to prevent Hepatitis

हेपेटाइटिस से बचाव (Hepatitis in Hindi) हेतु कुछ उपाय बताते हुए डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि हमेशा ताजे फलों और सब्जियों को अच्छे से धोकर और छीलकर ही सेवन करें। कभी भी कच्चा या अधपका मांस या मछली का सेवन न करें। बाजार की बर्फ का किसी भी पेय पदार्थ में सीधे डालकर सेवन करने से बचें। यदि फ़िल्टर या आर ओ उपलब्ध न हो तो पानी को उबालकर ठंडा करके ही पीएं। सफाई यानि हाईजीन से रहने की आदत बनाएं। हमेशा खाना खाने से पहले साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ जरूर धोएं। टॉयलेट या बच्चों के डायपर बदलने के बाद साबुन से हाथ जरूर साफ करें।

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