जब दिलीप मंडल ने पूछा सबसे भड़काऊ, आग लगाऊ एंकर कौन है, लोगों ने बता दिए ये नाम

When Dilip Mandal asked who is the most provocative, fiery anchor, people told these names

नई दिल्ली, 29 फरवरी 2020. वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने ट्विटर पर सवाल पूछ लिया कि सबसे भड़काऊ, आग लगाऊ एंकर कौन है? इस पर किसी ने रवीश कुमार का नाम लिया तो किसी ने सुधीर चौधरी का। कुछ ने खुद मंडल को ही आग लगाऊ बता डाला।

दिलीप मंडल ने ट्वीट किया,

“आपके हिसाब से सबसे भड़काऊ, आग लगाऊ एंकर कौन है?

#जातिवादी_सांप्रदायिक_मीडिया”

इस पर लोगों ने अलग अलग नाम लिए। मंडल ने दो तीन ट्वीट मीडिया को लेकर लगातार किए और हैशटैग #जातिवादी_सांप्रदायिक_मीडिया का इस्तेमाल किया। थोड़ी देर में ही हैशटैग भारत में ट्रेंड करने लगा।

अरुण अग्रवाल ने कहा,

“ये पूछिये के आग बुझाने वाला कौन है क्योंकि आग लगाने वाले तो बहुत हैँ”

एक अन्य ट्वीट में मंडल ने कहा,

“सतर्क रहें। वरना मीडिया आपको जोम्बी बना देगा।  #जातिवादी_सांप्रदायिक_मीडिया“

एक अन्य ट्वीट में मंडल ने कहा,

“अगर आप अपने बच्चों को दंगाई बनाने से बचाना चाहते हैं तो  #जातिवादी_सांप्रदायिक_मीडिया से उन्हें दूर रखें।“

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा,

“मीडिया की आजादी के इंडेक्स पर भारत दुनिया का 140वें नंबर का देश है. शर्म तो आनी चाहिए मीडिया को.

https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/india-drops-down-on-world-press-freedom-index/articleshow/68940683.cms?from=mdr

#जातिवादी_सांप्रदायिक_मीडिया”

 

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Leave a Comment
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations