Home » समाचार » देश » जस्टिस काटजू ने फोटो पोस्ट कर पूछा सिविल ड्रेस में छात्रों की पिटाई कर रहा शख्स कौन है
Justice Markandey Katju

जस्टिस काटजू ने फोटो पोस्ट कर पूछा सिविल ड्रेस में छात्रों की पिटाई कर रहा शख्स कौन है

नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2019. जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में पुलिस की कथित हिंसा (Alleged police violence at Jamia Millia Islamia University) पर जहां एक ओर समूचे देश में और विदेश में छात्र मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं, वहीं लगता है दिल्ली पुलिस ने सरकार की स्वामीभक्ति में सारी हदें पार कर दी थीं। अब सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired judge of the Supreme Court) ने पूछा है कि पुलिस के साथ सिविल ड्रेस में छात्रों की पिटाई कर रहा शख्स कौन है?

जस्टिस काटजू ने अपने सत्यापित ट्विटर हैंडल पर सोशल मीडिया में वायरल हो रहा एक फोटो पोस्ट किया है, जिसमें एक शख्स सिविल ड्रेस में पुलिस के साथ जामिया के छात्रों की पिटाई कर रहा है और छात्राएं पिट रहे छात्रों की ढाल बनकर पुलिस से मोर्चा ले रही हैं। जस्टिस काटजू ने यह चित्र पोस्ट करने के साथ ही सवाल किया है,

“क्या कोई मुझे बता सकता है कि सिविल ड्रेस में यह शख्स कौन है, जिसका चेहरा छुपा हुआ है, पुलिस के साथ जामिया के छात्रों की पिटाई कर रहा है ??”

जस्टिस काटजू के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए एंकर रहे अजीत अंजुम ने पूछा है कि,

“ये सवाल सुप्रीम कोर्ट के जज रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू पूछ रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट भी पूछेगा क्या ?”

बहरहाल जामिया के इन वायरल फोटो ने पूरे देश में छात्रों में मोदी सरकार के खिलाफ अजीब एकजुटता ला दी है। हालांकि गोदी मीडिया सरकार की चारण भक्ति में लीन है।

 

हमारे बारे में hastakshep

Check Also

#CoronavirusLockdown, #21daylockdown , coronavirus lockdown, coronavirus lockdown india news, coronavirus lockdown india news in Hindi, #कोरोनोवायरसलॉकडाउन, # 21दिनलॉकडाउन, कोरोनावायरस लॉकडाउन, कोरोनावायरस लॉकडाउन भारत समाचार, कोरोनावायरस लॉकडाउन भारत समाचार हिंदी में, भारत समाचार हिंदी में,

कोरोना से लड़ने को प्रधानमंत्री ने कोष बनाया, नागरिकों से की दान की अपील

Prime Minister made fund to fight Corona, appealed to citizens for donations नई दिल्ली, 28 …

Leave a Reply