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Justice Markandey Katju

जस्टिस काटजू का जी क्यों चाहता है कि या तो वो अपना सर फोड़ लें, या उन लोगों का

Why does Justice Markandey Katju want to break his head or …

उर्दू तलफ़्फ़ुज़ ( उच्चारण या प्रोनन्सिएशन )

–  जस्टिस मार्कंडेय काटजू

जी चाहता है कि या मैं अपना सर फोड़ लूँ, या उन लोगों का जो ज़िन्दगी को जिंदगी, ज़बरदस्त को जबरदस्त, ज़मानत को  जमानत, ज़रा को जरा, ख़बर को खबर, ग़ालिब को गालिब, ग़म को गम, ग़ज़ल को गजल, ग़रीब को गरीब, आज़ादी को आजादी, ज़िला को जिला, ज़रुरत को जरूरत, ख़ास को खास,  शायरी को सायरी, क़रीब को करीब, क़ातिल को कातिल, मज़ा को मजा, फ़िराक़ को प्हिराक, और फ़ुर्सत को प्हुरसत कहते हैं।

मैंने मेरे पत्रकार मित्र अजित अंजुम को उसके वीडियो शो पर खबर को  ‘ख़बर’  बोलने के लिए कहा, पर कई बार प्रयत्न करने के बावजूद वे ऐसा नहीं कर पाए, और उन्होंने इसकी वजह उनका बिहारी होना बताया।

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

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