जस्टिस काटजू का जी क्यों चाहता है कि या तो वो अपना सर फोड़ लें, या उन लोगों का

Why does Justice Markandey Katju want to break his head or …

उर्दू तलफ़्फ़ुज़ ( उच्चारण या प्रोनन्सिएशन )

–  जस्टिस मार्कंडेय काटजू

जी चाहता है कि या मैं अपना सर फोड़ लूँ, या उन लोगों का जो ज़िन्दगी को जिंदगी, ज़बरदस्त को जबरदस्त, ज़मानत को  जमानत, ज़रा को जरा, ख़बर को खबर, ग़ालिब को गालिब, ग़म को गम, ग़ज़ल को गजल, ग़रीब को गरीब, आज़ादी को आजादी, ज़िला को जिला, ज़रुरत को जरूरत, ख़ास को खास,  शायरी को सायरी, क़रीब को करीब, क़ातिल को कातिल, मज़ा को मजा, फ़िराक़ को प्हिराक, और फ़ुर्सत को प्हुरसत कहते हैं।

मैंने मेरे पत्रकार मित्र अजित अंजुम को उसके वीडियो शो पर खबर को  ‘ख़बर’  बोलने के लिए कहा, पर कई बार प्रयत्न करने के बावजूद वे ऐसा नहीं कर पाए, और उन्होंने इसकी वजह उनका बिहारी होना बताया।

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Leave a Comment
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations