जानिए मानसिक रोग क्यों होते हैं? इनसे कैसे निपटें?

जानिए मानसिक रोग क्यों होते हैं? इनसे कैसे निपटें?

Know why mental diseases happen? How to deal with them?

नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2022. विगत वर्ष के अंत में आई यूनिसेफ की रिपोर्ट “स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रन-2021 ऑन माई माइंड : प्रमोटिंग, प्रोटेक्टिंग एंड केयरिंग फॉर चिल्ड्रन्स मेंटल हेल्थ‘’ (UNICEF Report “State of the World’s Children-2021 on My Mind: Promoting, Protecting and Caring for Children’s Mental Health”) काफी चौंकाने वाली है।

यूनिसेफ के अनुसार, कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी ने बच्चों, युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है। भारत में 15-24 साल के बच्चों में से सिर्फ 41 फीसदी ने माना कि मानसिक स्वास्थ्य समस्या में उन्हें किसी की मदद लेना पसंद है, जबकि दूसरे कुछ देशों के लिए यह आकड़ा करीब 83 फीसदी है।

क्यों होते हैं मानसिक रोग?

वास्तव में आज जैसे-जैसे समाज आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे डिप्रेशन या अवसाद जैसी मानसिक बीमारियां पनप रही हैं, कोरोनाकाल ने इसमें इजाफा किया है।

देशबन्धु की एक पुरानी खबर के मुताबिक नई दिल्ली स्थित तुलसी हेल्थ केयर के मनोचिकित्सक डॉ.गौरव गुप्ता (Dr. Gaurav Gupta, Psychiatrist at Tulsi Health Care, New Delhi) का कहना है कि तनाव के कारण भले ही अलग-अलग हो मगर आज समाज का हर वर्ग तनाव की चपेट में है। आज लोग अधिक से अधिक सुख सुविधाओं को पाने की लालसा के हर समय अतृप्त और असंतुष्ट रहते हैं, जिसकी वजह से डिप्रेशन उन्हें घेर लेता है।

उनके मुताबिक आज की भागदौड़ वाली जीवन शैली में हर पांच में से एक वयस्क और हर चार परिवारों में से एक व्यक्ति मानसिक रोग का शिकार होता है।

मानसिक अवसाद के लक्षण क्या हैं?

डॉ. गौरव गुप्ता का कहना है कि मानसिक अवसाद डिप्रेशन के विभिन्न लक्षण हैं, जैसे दिल का तेजी से धड़कना, सांस फूलना, पसीना आना, बेहोशी के दौरे आना, छोटी-छोटी बातों पर शक करना, बार-बार एक ही विचार आने से परेशान होना, स्मृति का कमजोर पड़ना, चिंता ग्रस्त रहना इत्यादि।

मानसिक बीमारियों से कैसे निपटें?

डॉ. गुप्ता कहते हैं कि मानसिक बीमारियों से निपटना बेहद आसान है, बस यदि कुछ बातों पर गंभीरतापूर्वक ध्यान दिया जाये तो हर तरह की मानसिक बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है।

मनोचिकित्सक की सलाह

1.     बातों को मन में दबा कर न रखें। यदि आपको कोई बुरी खबर मिली है या जीवन में कोई विशेष घटना घटी है, तो उसे अपने करीबी लोगों के साथ अवश्य शेयर करें।

2.     परेशान हों तो अपने कमरे से बाहर खुले वातवरण में निकल जायें। वातावरण बदलने से आपको आराम जरूर मिलेगा।

3.     संतुलित और स्वास्थ्यवर्द्धक आहार लें। बासी और ज्यादा मसालेदार भोजन से परहेज करें।

4.    हल्का और मधुर संगीत का सहारा लें, ज्यादा मानसिक दबाव होने पर मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक या सलाहकार से संपर्क करें तथा इसके इलाज के संबंध में विचार विमर्श करें।

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