विश्व अस्थमा दिवस : कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए दमा के मरीज विशेष सावधानी बरतें – डॉ के के पांडे

विश्व अस्थमा दिवस | World Asthma Day 5 May 2020

One in 10 people affected by asthma in India

गाजियाबाद, 5 May 2020 . दमा (अस्थमा) फेफड़ों का रोग है जो सांस की समस्याओं के कारण होता है। यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पी एन अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे दुनियाभर में करीब 1.5 करोड़ लोग प्रभावित हैं। भारत में 10 में से एक व्यक्ति अस्थमा से प्रभावित है। इसमें बचाव ही कारगर है। अवेयरनेस और सही समय पर इलाज के जरिए इससे काफी हद तक बचा जा सकता है।

पहली बार वर्ल्ड अस्थमा डे कब मनाया गया | When was World Asthma Day celebrated for the first time

1998 में पहली बार वर्ल्ड अस्थमा डे मनाया गया। इसके बाद हर साल 5 मई को वर्ल्ड अस्थमा डे मनाया जाता है।

अस्थमा के लक्षण क्या हैं | What are the symptoms of asthma
Yashoda Super Specialty Hospital Senior Lung and Respiratory Specialist Dr. KK Pandey,

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ फेफड़ा एवं श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ के के पांडे, डॉ अर्जुन खन्ना एवं डॉ अंकित सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि बताया कि अस्थमा के लक्षणों में सांस लेने में परेशानी, खांसी, छाती में जकड़न और बार-बार ऐसे होना शामिल हैं। अगर इसे समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो इससे सांस लेने में गंभीर समस्या भी हो सकती है। हालांकि अस्थमा को ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन बचाव, दवाइयों और इलाज से मरीज सामान्य जिंदगी जी सकता है।

Corona virus may prove to be a significant risk to asthma patients

डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना वायरस से अस्थमा के मरीजों को काफी जोखिम साबित हो सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को कोरोनावायरस के संक्रमण से बचे रहने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

What precautions should asthma patients take

डॉक्टरों द्वारा ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई, क्योंकि अस्थमा रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी हुई बीमारी है जबकि कोरोना वायरस का संक्रमण भी रेस्पिरेटरी सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। यदि कोई व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित हो जाए, जिसे अस्थमा की भी बीमारी है, तो कोरोना वायरस का संक्रमण ऐसे मरीजों के लिए काफी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकता है। इसलिए ऐसे लोगों की कोशिश यही होनी चाहिए कि वह घर से बिल्कुल भी बाहर ना निकलें और अगर जरूरत पड़ने पर बाहर निकल भी रहे हैं तो, संक्रमण से बचे रहने के लिए पूरे दिशा-निर्देशों का गंभीरतापूर्वक पालन करें।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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