जागरूकता ही कैंसर से सबसे बड़ा बचाव है : उपासना अरोड़ा

World Cancer Day - February 4, 2020

वर्ष 2025 तक, कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों के बढ़कर प्रति वर्ष 60 लाख होने का अनुमान : डॉक्टर अभिषेक यादव

हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है विश्व कैंसर दिवस

World Cancer Day is observed every year on 4 February

गाजियाबाद, 04 फरवरी 2020. विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर बोलते हुए यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी गाजियाबाद के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर अभिषेक यादव (Dr. Abhishek Yadav, Senior Cancer Specialist of Yashoda Super Specialty Hospital Kaushambi Ghaziabad) ने बताया कि वर्तमान में, दुनिया भर में हर साल 76 लाख लोग कैंसर से दम तोड़ते हैं, जिनमें से 40 लाख लोग समय से पहले (30-69 वर्ष आयु वर्ग) मर जाते हैं। इसलिए समय की मांग है कि इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ कैंसर से निपटने की व्यावहारिक रणनीति विकसित करना है। वर्ष 2025 तक, कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों के बढ़कर प्रति वर्ष 60 लाख होने का अनुमान है। यदि विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2025 तक कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों में 25 प्रतिशत कमी के लक्ष्य को हासिल किया जाए तो हर साल 15 लाख जीवन बचाए जा सकते हैं।

विश्व कैंसर दिवस क्यों मनाया जाता है Why is World Cancer Day celebrated?

हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर पी एन अरोड़ा ने बताया कि 1933 में अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ (International Cancer Control Association) ने स्विट्जरलैंड में जिनेवा में पहली बार विश्व कैंसर दिवस मनाया। यह दिवस कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने, लोगों को शिक्षित करने, इस रोग की रोकथाम करने के लिए दुनिया भर में सरकारों और व्यक्तियों को समझाने तथा हर साल लाखों लोगों को मरने से बचाने के लिए मनाया जाता है।

What is the main cause of cancer

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉक्टर जलज बक्शी बताते हैं कि खान पान में बदलाव,  बदलती जीवनशैली कैंसर की प्रमुख वजह बनता जा रहा है। चालीस फीसद कैंसर सिर्फ तंबाकू के सेवन से होता है।

युवाओं में बढ़ती धूम्रपान की लत कैंसर को बढ़ावा दे रहा है। कैंसर की रोकथाम कैसे हो और लोगों में इसके प्रति जागरुकता बढ़े इसके लिए बहुत शीघ्रता से काम करने की जरूरत है.

हॉस्पिटल की वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉक्टर मुक्ता बताती हैं कि पुरुषों में आमतौर पर कैंसर फेफड़े, मुंह, गले और आमाशय में होता है। वहीं अधिकांश महिलायें स्तन, मुंह और गर्भाशय के मुंह के कैंसर की शिकार हो रही है।

What are the symptoms of cancer?

डॉ अभिषेक यादव ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि कैंसर के लक्षण हैं – शरीर में किसी भी तरह की गांठ का अनियंत्रित बढना,तिल का बढ़ना और रंग बदलना, किसी भी घाव का लंबे समय तक ठीक न होना,भूख कम लगना,वजन कम होना,थकान और आलस्य का बने रहना और दो हफ्ते से अधिक समय तक खांसी का रहना।

हॉस्पिटल की डायरेक्टर श्रीमती उपासना अरोड़ा ने कहा कि मतलब साफ है जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है और आप यदि कैंसर से बचना चाहते हैं तो आपको अपनी जीवनशैली नियंत्रि‍त करनी होगी। इतना ही नहीं आपको अपने खानपान पर विशेष ध्यान होगा।

पाठकों सेअपील - “हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें
 

One Reply to “जागरूकता ही कैंसर से सबसे बड़ा बचाव है : उपासना अरोड़ा”

Leave a Reply