धर्म के आधार पर मरीज़ों का आंकड़ा जारी करवाने वाले योगी गोरखपुर में मरने वाले बच्चों का आंकड़ा भी धर्मं और जाति के आधार पर जारी करें : शाहनवाज आलम

कोरोना पीड़ितों का वास्तविक आंकड़ा छुपा रही है योगी सरकार

Yogi government is hiding the real figure of Corona victims

अपनी नाकामी छुपाने के लिए मुसलमानों पर ठीकरा फोड़ना चाहते हैं योगी

कोरोना का इलाज खोजने में लगे डॉक्टरों को कोरोना वायरस का धर्म खोज लेने वाले योगी आदित्यनाथ को भी अपनी टीम में रखना चाहिए

लखनऊ, 9 अप्रैल 2020। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कोरोना महामारी की आड़ में मुस्लिम विरोधी माहौल बनाकर उनके ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने की साज़िश रचने का आरोप लगाया है।

उन्होंने योगी पर तंज कसते हुए कोरोना की दवा ढूंढने में लगे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डॉक्टरों से अपील की है कि वो योगी जी को भी अपनी टीम में रखकर उनकी प्रतिभा का लाभ उठाएं क्योंकि वो दुनिया के पहले आदमी हैं जिन्होंने कोरोना वायरस का धर्म खोज निकाला है।

शाहनवाज़ आलम ने जारी बयान में कहा है कि कोरोना प्रदेश में महामारी का रूप अख़्तियार कर चुकी है जिसके इलाज तो दूर जांच तक कि सुविधा बस नाम मात्र की ही है। देश के सबसे बड़े राज्य की 23 करोड़ जनता के लिए सिर्फ़ 10 जांच केंद्र हैं, आगरा मेडिकल कॉलेज जैसे देश के दूसरे सबसे पुराने मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 6 वेंटिलेटर हैं, प्रदेश के नर्सों और डॉक्टरों तक को मास्क और निजी सुरक्षा उपकरण सरकार नहीं दे पा रही है, इनकी मांग करने वाले नर्सों को बर्ख़ास्त कर दिया जा रहा है, राज कोष का पूरा खजाना उटपटांग कामों में बर्बाद किया जा चुका है। प्रदेश में कोरोना से ज़्यादा भूख से लोगों के मरने की नौबत आ गयी है। जनता ये सवाल न पूछे इसीलिए इनके अपने संघ गिरोह के लोग मुसलमानों को ही कोरोना के लिए ज़िम्मेदार बताने वाली अफवाहें फैला रहे हैं जिसका खंडन ख़ुद उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसा इतिहास में पहली बार हो रहा है कि खुद पुलिस मुख्यमंत्री के वैचारिक भाई-बंधुओं द्वारा फैलाये जा रहे अफ़वाहों का खंडन रोज़ प्रकाशित कर रही है लेकिन दबाव के चलते उनके ख़िलाफ़ कोई कार्यवाई नहीं कर पा रही है।

शाहनवाज़ आलम ने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने कोरोना के मरीज़ों की वास्तविक संख्या को छुपाने और सिर्फ़ मुस्लिम मरीज़ों के नामों को मीडिया में जारी करने की रणनीति बनाई है। कई जगह तो मस्जिदों के इमामों तक को जबरन पकड़ कर कोरोना के नाम पर जांच के लिए ले जाया जा रहा है और उनको संदिग्धों की सूची में डाल कर मुसलमानों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसी रणनीति के तहत मुस्लिम आबादी और पहचान वाले इलाक़ों को हॉट स्पॉट की श्रेणी में रखकर शहर के बाक़ी इलाक़ों में उनके ख़िलाफ़ अफ़वाह और नफ़रत भड़काने की साज़िश रची जा रही है। ठीक जैसे साम्प्रदयिक हिंसा के दैरान मुस्लिम बहुल इलाक़ों में ही पुलिस-पीएसी की छावनियां लगा कर बहुसंख्यक समाज में मुसलमानों की दंगाई की छवि बनाई जाती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस कठिन समय में एक योग्य और दूरदर्शी मुख्यमंत्री की कमी प्रदेश की जनता को खल रही है। क्योंकि मुख्यमंत्री जी महामारी की जांच सुविधाओं को बढ़ाने पर ध्यान देने के बजाए अपनी साम्प्रदायिक सनक को प्राथमिकता देने में लगे हैं जिसके चलते लाखों लोगों लोगों की जान आफ़त में पड़ गयी है।

उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री जी अपने पद की गरिमा इतना गिरा चुके हैं कि वो मरीज़ों का आंकड़ा धर्म के आधार पर जारी करवा रहे हैं तो उन्हें अपने गृह नगर गोरखपुर में जापानी बुखार से मरने वालों का आंकड़ा भी धर्मं और जाति के आधार पर जारी करनी चाहिए।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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