‘योगी सरकार हटाओ-लोकतंत्र बचाओ’ – फरवरी में लखनऊ में होगा सम्मेलन, मार्च में पूरे प्रदेश में आमसभाएं होंगी

दमन पर रोक लगाये योगी सरकार

‘योगी सरकार हटाओ-लोकतंत्र बचाओ’ अभियान की हुई बैठक

अखिलेन्द्र संयोजक बनाए गए

पांच अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के साथ अध्यक्षमण्डल का गठन

लखनऊ 24 जनवरी, 2020, संशोधित नागरिकता कानून, नागरिकता रजिस्टर और जनसंख्या रजिस्टर बनाने की केन्द्र सरकार की कार्यवाही का शांतिपूर्ण विरोध कर रही महिलाओं समेत दोलनकारियों का वाराणसी, रायबरेली, इटावा और आगरा सहित कई स्थानों पर हुए बर्बरतापूर्ण दमन, लखनऊ के घंटाघर व उजरियांव, गोमतीनगर में धरनारत लोगों पर फर्जी मुकदमें कायम करने और रायबरेली में आंदोलन की मदद करने वाली स्वराज अभियान की प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट अर्चना श्रीवास्तव की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा आज ‘योगी सरकार हटाओ-लोकतंत्र बचाओ‘ अभियान की बैठक में की गयी।

बैठक में लिए प्रस्ताव में योगी सरकार से प्रदेश में सामान्य लोकतांत्रिक गतिविधियों को बहाल करने और जारी दमन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गयी।

बैठक में अखिलेन्द्र प्रताप सिंह को अभियान का संयोजक बनाया गया। आइपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस. आर. दारापुरी, अखिल

भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह, पूर्व सांसद इलियास आजमी, रिहाई मंच अध्यक्ष मोहम्मद शोएब और पूर्व पुलिस डीजी बिजेंन्द्र सिंह को अध्यक्ष और स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव ध्यानी, सामाजिक कार्यकर्ता अतहर हुसैन, आइपीएफ नेता लाल बहादुर सिंह, जन मंच प्रदेश संयोजक नितिन मिश्रा, किसान नेता व दलित चिंतक डा0 बृज बिहारी, मजदूर किसान मंच के दिनकर कपूर आदि लोगों को लेकर अध्यक्षमण्ड़ल का गठन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता आलोक, शहबाज अख्तर और एडवोकेट कमलेश कुमार सिंह को लेकर सचिव मण्ड़ल का निर्माण किया गया।

बैठक में ‘योगी सरकार हटाओ-लोकतंत्र बचाओ‘ अभियान के तहत फरवरी में लखनऊ में सम्मेलन करने और मार्च माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में आमसभाएं व सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उन सभी लोगों से अपील की गयी कि वह इस अभियान में शामिल हो ताकि प्रदेश में लोकतंत्र व नागरिक अधिकारों की रक्षा की जा सके।

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations