सरकार चलाना योगी के बस में नहीं, तुरंत इस्तीफा दें – डॉ गिरीश

Yogi Adityanath

लखनऊ, 22 जुलाई 2020 (लोकसंघर्ष). गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या (Murder of Ghaziabad journalist Vikram Joshi) पर गहरा दुख और रोष जताते हुये भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राज्य सरकार से ज़िम्मेदारी लेने और मुख्यमंत्री के त्यागपत्र की मांग की है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि “मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है, कड़ी कार्यवाही के निर्देश दे दिये गये हैं, मुआबजे की घोषणा कर दी गयी है, फलां- फलां को सस्पेंड या तबादला कर दिया गया है, मार दो, ठोक दो“ मुख्यमंत्री द्वारा तीन साल से रोज-ब-रोज की जा रही घोषणाओं के प्रसारण से उत्तर प्रदेश की जनता तंग आ चुकी है। जनता परिणाम चाहती है और उत्तर प्रदेश सरकार परिणाम दे नहीं पा रही है।

पार्टी के राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि मृतक पत्रकार पुलिस को लगातार लिखित शिकायतें कर रहे थे, पर पुलिस अकर्मण्यता और अहमन्यता से ग्रसित थी। परिणाम स्वरूप पत्रकार पर जान लेवा हमला हो गया और उनकी दुखद मौत हो गयी। हमले से लेकर मौत तक मुख्यमंत्री ने कोई संज्ञान नहीं लिया। पत्रकार का परिवार अनाथ हो गया तो अब बड़ी बड़ी घोषणाएँ की जा रही हैं।

“इन घोषणाओं को अपने पास रख लीजिये और विक्रम जोशी के परिवार को विक्रम जोशी लौटा दीजिये सम्मानित मुख्यमंत्री जी!“ भाकपा ने आक्रोश के साथ सवाल खड़ा किया है।

भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहा- उत्तर प्रदेश में जंगल राज है। सरकार संरक्षित अपराधी हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, महिलाओं से बलात्कार और उनकी हत्याएं हो रही हैं, ठगी, लूट, छिनेती, अपहरण/ फिरौती और चोरियाँ आदि सरे आम जारी हैं। आपके खोखले दावों के बीच कोरोना के मरीज फुटपाथों पर दम तोड़ रहे हैं, अवसाद में लोग आत्महत्याएं कर रहे हैं आदि आदि।

उन्होंने कहा कि पुलिस आम लोगों के प्रति क्रूर बनी हुयी है। लोगों को पीट रही है, जुर्माने वसूल रही है तथा झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल पहुंचा रही है। आम आदमी की शिकायतों पर अमल नहीं किया जाता, जिसका दुष्परिणाम सभी के सामने है। रिश्वतख़ोरी और भ्रष्टाचार सातवें आसमान पर है। फर्जी एंकाउंटरों के जरिये सरकार और पुलिस अपनी ध्वस्त छवि को बचाने में जुटी है। पर जनता की रक्षा एंकाउंटर्स से नहीं होती, उसे सुरक्षा चाहिये, न्याय चाहिये।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डॉ गिरीश ने मांग की है कि पत्रकार के परिवार को बिकरू कांड में शहीद पुलिसकर्मियों के समकक्ष पावनायें दी जायें। हत्यारों को एनएसए में निरुद्ध किया जाये तथा प्रदेश के सभी नागरिकों के जानमाल की सुरक्षा की जाये। जिम्मेदार अफसरों को दंडित किया जाये तथा व्याप्त अराजकता की सरकार ज़िम्मेदारी ले और योगी तुरंत त्यागपत्र दे।

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