युवाओं ने फिर माँगा रोजगार, प्रदेश भर में हुए प्रदर्शन

Youth again asked for employment, demonstrations across the state

रोजगार के मुद्दे पर युवा मंच का प्रदेशस्तरीय प्रतिवाद

इलाहाबाद, 22 अक्टूबर 2020 : युवा मंच के प्रदेशव्यापी आवाहन पर उत्तर प्रदेश में लाखों रिक्त पदों पर तत्काल विज्ञापन जारी करने की मांग पर इलाहाबाद, आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, वाराणसी, आगरा, कानपुर, महाराजगंज, चंदौली, सुल्तान पुर, गोरखपुर समेत तमाम जनपदों में प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित हुए। प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजे गए और बड़े पैमाने पर ज्ञापन को ट्वीट व ईमेल के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए।

इलाहाबाद जिलाधिकारी कार्यालय (Allahabad District Magistrate Office) पर जुटे छात्रों को संबोधित करते हुए युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने कहा कि योगी सरकार के रोजगार व सरकारी नौकरी के प्रोपैगैंडा के विपरीत जमीनी हकीकत प्रदेश की यह है कि रोजगार संकट गहराता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार में जिन एक लाख सैंतीस हजार शिक्षा मित्रों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बर्खास्त करने के बाद की जा रही भर्ती को नयी भर्ती बता कर सरकार अपनी उपलब्धियों का बखान कर रही है, उसे भी विवादों में उलझा दिया गया है। इसके अलावा जो भर्तियां पूरी हुई हैं उसमें ज्यादातर पिछली सरकार के दौर में चयन प्रक्रिया शुरू हुई थी। प्रदेश में शिक्षा महकमे व तकनीकी संवर्ग में सर्वाधिक रिक्त पद हैं लेकिन इनका पूरा ब्योरा तक सरकार के पास उपलब्ध नहीं है।

श्री सचान ने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर 17 सितंबर के राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन के दबाव में मुख्यमंत्री 6 महीने में समस्त रिक्त पदों पर नियुक्ति देने की घोषणा कर रहे हैं लेकिन इसके लिए भी कोई ठोस योजना सरकार के पास नहीं है। इसी तरह की घोषणा और बयानबाजी रोजगार के मुद्दे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। 3.5 साल में शिक्षक भर्ती का एक भी नया विज्ञापन जारी नहीं होना, यूपीपीसीएल के 4102 तकनीशियन के पदों का विज्ञापन निरस्त कर देना, 2013 में यूपीपीसीएस द्वारा चयनित सिंचाई विभाग के अवर अभियंताओं की अभी तक नियुक्ति न देना चंद उदाहरण हैं जिससे प्रदेश में सरकारी नौकरी की स्थितियों को समझा जा सकता है।

युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि प्रदेश में अनवरत चले आंदोलन के दबाव में साल भर पहले माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड व उच्ततर शिक्षा सेवा चयन आयोग में कृमशः 40 हजार व 3900 पदों के अधियाचन आ चुके हैं  लेकिन मुख्यमंत्री की मंजूरी नहीं मिलने से विज्ञापन जारी नहीं हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अक्टूबर महीने के अंत तक प्रदेश में लाखों रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी नहीं हुए तो रोजगार के मुद्दे 17 सितंबर को आयोजित आंदोलन से भी विराट आंदोलन उत्तर प्रदेश खड़ा किया जायेगा।

युवा मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि चयन संस्थाओं द्वारा चयन प्रक्रिया में भी जानबूझकर विवाद पैदा कर भर्तियों को न्यायिक प्रक्रिया के पचड़े में उलझा दिया जा रहा है। 69000 शिक्षक भर्ती में जानबूझकर पैदा किये जा रहे विवाद इसका ताजा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही पारदर्शी भर्ती का दावा करें लेकिन लोक सेवा आयोग समेत सभी भर्तियों में भ्रष्टाचार, भाईभतीजावाद चरम पर है, पीसीएस-2018 का परिणाम इसका उदाहरण है जिसमें स्केलिंग को लागू नहीं करने और भारी धांधली का आरोप लगा कर युवा आंदोलित हैं।

इलाहाबाद में युवा मंच के संयोजक राजेश सचान , अध्यक्ष अनिल सिंह, सीतापुर में नागेश गौतम, आजमगढ़ में जय प्रकाश यादव, रंजन सिंह बीएचयू, चंदौली में आलोक राय, मुजफ्फरनगर में भृगुनाथ यादव, गोरखपुर में सुमंत यादव, सुल्तानपुर में गोबिंद, वाराणसी में निरंकार शुक्ला, आगरा में अनिकेत ने नेतृत्व किया। इसके अलावा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एडवोकेट राजेश पाण्डेय’कर्मा’, डाक्टर अरविंद मिश्रा, अशोक दुबे, अंकित अकेला, एडवोकेट ईं. राम बहादुर पटेल, अरविंद कुमार मौर्य, रवि प्रकाश , विजय मौर्य, सूरज कुमार,रोहित कुमार,अजय पाण्डेय, संदीप सिंह, वीर बहादुर सिंह समेत बड़े पैमाने पर युवाओं ने भागीदारी की।

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