युवा मंच संयोजक राजेश सचान को बिना शर्त रिहा किया जाए

युवा मंच संयोजक राजेश सचान को बिना शर्त रिहा किया जाए

Yuva Manch convenor Rajesh Sachan should be released unconditionally

लखनऊ, 28 जनवरी 2022. कई राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेलवे भर्ती में आंदोलित छात्रों पर दमन और युवा मंच संयोजक राजेश सचान की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना करते हुए सरकार से राजेश सचान की बिना शर्त रिहाई की मांग की है। साथ ही दो और छात्र गिरफ्तार हुए हैं, उनकी रिहाई और अन्य छात्रों पर लगाएं फर्जी मुकदमें वापस लेने की मांग करी है।

गौरतलब है कि प्रयागराज में एक हजार अज्ञात छात्रों पर मुकदमा दर्ज करने की बात एफआईआर में कही गई है।

आज यहां एक प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि 2019 में रेलवे ने लगभग एक लाख ग्रुप डी और नान टेक्निकल पापुलर केटेगरी (एनटीपीसी) के लगभग 35 हजार पदों विज्ञापन जारी किए थे। जिसमें दोनों परीक्षाओं के लिए एक-एक करोड़ से अधिक युवाओं ने आवेदन किया था। इन दोनों परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए छात्रों ने देशव्यापी मुहिम चलाई थी। जिसके बाद रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा फरवरी 2022 में ग्रुप डी की परीक्षा घोषित की गई और दिसम्बर 2020 से एनटीपीसी की सीबीटी-1 की परीक्षा आयोजित की गई। 15 जनवरी 2022 को एनटीपीसी के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए जिसमें छात्रों को नार्मलाइजेशन के नाम पर 20 गुना क्वालीफाई नहीं कराया गया और ग्रुप डी में दो स्तर की परीक्षा कराने से छात्रों में गहरा आक्रोश है। इस पर कमेटी बनाने से छात्रों के सवाल हल नहीं होंगे। सरकार को तत्काल अपने नोटिफीकेशन के अनुसार एनटीपीसी में 20 गुना अभ्यार्थी का चयन करना चाहिए और ग्रुप डी की परीक्षा तत्काल आयोजित करनी चाहिए।

पत्रकार वार्ता में कहा गया कि जिस तरह से प्रयागराज में लॉजों और हॉस्टल में घुसकर पुलिस ने दमन ढाया वह भाजपा सरकार द्वारा कायम किए जा रहे आतंक राज का जीवंत प्रमाण है। इसके विरूद्ध समाज के सभी तबकों से छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की गई।

पत्रकार वार्ता में कहा गया कि युवा मंच संयोजक राजेश सचान के बारे में जो सोशल मीडिया पर भड़काने की बात कही गई और वर्चुअल युवा पंचायत बुलाकर बवाल करने का जो आरोप लगाया गया है, वह पूरी तौर पर निराधार है। क्योंकि 25 जनवरी को गूगल मीट पर आयोजित वर्चुअल मीटिंग की प्रेस विज्ञप्ति से यह पूरे तौर पर स्पष्ट है कि युवा मंच ने छात्रों को न तो भड़काया और न ही युवा पंचायत से बवाल करने की कोई अपील की गई।

पत्रकार वार्ता में कहा गया कि रोजगार की मांग करना छात्रों युवाओं का मौलिक अधिकार है वह उन्हें मिलना ही चाहिए। जिन पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर छात्रों का दमन किया गया है, उनकी शिनाख्त होनी चाहिए और उन्हें दण्ड़ित करना चाहिए। महज एक पुलिस इंस्पेक्टर और छह पुलिस कर्मियों का निलम्बन करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती है। 

पत्रकार वार्ता में सीपीएम के राज्य सचिव मंडल सदस्य कॉ. प्रेमनाथ राय, सीपीआई के राज्य कौंसिल सदस्य व लखनऊ  जिला मंत्री कॉ. अकरम खान, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप पांडेय, स्वराज इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अनमोल, राजीव ध्यानी, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी, कांग्रेस से हरेराम मिश्रा, दिनकर कपूर, कमलेश सिंह एडवोकेट आदि लोग रहे।

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