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सोशल मीडिया में छाया रहा काला दिवस, प्रयागराज में सड़क पर उतरे छात्र, किया प्रदर्शन

सोशल मीडिया में छाया रहा काला दिवस, प्रयागराज में सड़क पर उतरे छात्र, किया प्रदर्शन

युवा मंच कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में मनाया काला दिवस

5 जून को यूपी बेरोजगारी दिवस पर रोजगार संवाद का आयोजन

लखनऊ, 2 जून 2021: रिक्त पदों पर विज्ञापन व लंबित भर्तियों को पूरा करने की मांग को लेकर युवा मंच समेत तमाम संगठनों के आवाहन पर युवाओं ने आज प्रयागराज समेत प्रदेश भर में काली पट्टी और काला गमछा बांधकर काला दिवस मनाया। ट्विटर, फेसबुक में भी काला दिवस छाया रहा। युवाओं ने लाखों ट्वीट किये।

प्रयागराज में युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह व राम बहादुर पटेल के नेतृत्व में बाहों में काली पट्टी बांधकर कर छात्रों ने सड़कों पर उतर कर सांकेतिक प्रदर्शन किया।

युवाओं ने चेतावनी दी कि अगर योगी सरकार ने तत्काल रोजगार की समस्या के हल के लिए ठोस कदम नहीं उठाये तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और आगामी विधानसभा चुनावों में रोजगार के सवाल को मुद्दा बनाया जायेगा। युवा मंच पदाधिकारियों ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में रोजगार संकट की भयावह स्थिति है लेकिन इसे हल करने को लेकर योगी सरकार कतई गंभीर नहीं है। 4 चार साल तक योगी सरकार का फोकस सिर्फ प्रोपेगैंडा पर रहा। अब कार्यकाल का 7-8 महीने बचा है और कोरोना की भयावह स्थिति भी है, ऐसे में अब रोजगार सृजन की उम्मीद बची नहीं है, ऐसी में युवाओं में योगी सरकार के विरुद्ध भारी गुस्सा है।

वक्ताओं ने कहा कि दरअसल कोरोना की दूसरी लहर में मोदी-योगी सरकार की बदइंतजामी और आपराधिक लापरवाही से आक्सीजन व इलाज के अभाव में न सिर्फ बड़े पैमाने पर नागरिकों की मौतें हुईं बल्कि अर्थव्यवस्था के भी चौपट होने से आजीविका का संकट गहराता जा रहा है। सीएमआई के आंकडों में यह सामने आया है कि कोरोना की दूसरी लहर में एक करोड़ से अधिक नौकरियों से लोगों को हाथ धोना पड़ा है।

काला दिवस व प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा मंच पदाधिकारियों ने कहा कि योगी सरकार ने 97 हजार प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए वादा किया था लेकिन अब विज्ञापन जारी करने से मुकर रही है। दरअसल सरकार ने 10 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने की दिशा में कदम बढ़ा दिये हैं। उन्होंने सरकार के प्रोपेगैंडा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आखिर क्यों 2016 में विज्ञापित भर्तियों की परीक्षाएं तक आयोजित नहीं हो पाईं, अधीनस्थ आयोग में 24 भर्तियां अधर में फंसी हुई हैं, इन भर्तियों को पूरा करने और 50 हजार आयोग को प्राप्त अधियाचन पर सीधे विज्ञापन जारी करने के बजाय पीईटी पात्रता परीक्षा का बिलावजह आयोजन कराया जा रहा है। इसी तरह तकनीकी संवर्ग में एक लाख से ज्यादा रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया का कोई अता पता नहीं है। तकनीशियन लाईन के 4102 पदों के विज्ञापन को ही रद्द कर दिया गया। प्राथमिक विद्यालयों में सवा लाख से ज्यादा प्रधानाचार्य के पदों को खत्म कर दिया गया, चतुर्थ श्रेणी के पदों को भी खत्म कर दिया गया और 5 लाख से ज्यादा रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया का कहीं कोई अता पता नहीं है। उन्होंने कहा कि अब युवाओं ने रिक्त पदों पर विज्ञापन और लंबित भर्तियों को किसी भी कीमत पर पूरा कराने के लिए कमर कस ली है। युवाओं की एकजुटता दर्शाने व ताकत के प्रदर्शन के लिए 5 जून को यूपी बेरोजगारी दिवस का आवाहन किया गया है और इस मौके पर युवा मंच की ओर से रोजगार संवाद का आयोजन किया गया है जिसका युवा मंच के फेसबुक पेज से लाईव भी किया जायेगा। आज के काला दिवस का नेतृत्व प्रयागराज में युवा मंच के संयोजक राजेश सचान, अध्यक्ष अनिल सिंह, इंजी. राम बहादुर पटेल व करन सिंह परिहार, आजमगढ़ में जय प्रकाश यादव, चंदौली में आलोक राय, शामली में कुलदीप कुमार,पीलीभीत से अभिषेक अवस्थी, सहारनपुर में राजीव त्यागी, सोनभद्र में सूरज कोल, सीतापुर में नागेश गौतम, जौनपुर में बालेंद्र यादव, वाराणसी में दिव्यांशु राय, बांदा में शहनवाज़ खान शानू, लखनऊ में कुलदीप निषाद, संतकबीरनगर में वागीश राय, कौशांबी में शोध छात्र सुधीर ओझा, प्रतापगढ़ में मनोज पटेल, गोरखपुर में सुमंत यादव ने किया। इसके अलावा बीएल यादव, संगीता पाल, देवदत्त साहनी,प्रतापगढ़ से मनोज पटेल, प्रयागराज से लवकुश पटेल, फैजाबाद से प्रशांत कुमार प्रधान, अजय यादव आजमगढ़, सुमंत यादव गोरखपुर, नितिन पाल मुजफ्फरनगर आदि शामिल रहे। यह जानकारी एक विज्ञप्ति में दी गई है।

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