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इप्टा  एक जनपक्षीय सांस्कृतिक आंदोलन के 75 साल होमी जहांगीर भाभा ने किया था नामकरण
इप्टा : एक जनपक्षीय सांस्कृतिक आंदोलन के 75 साल, होमी जहांगीर भाभा ने किया था नामकरण

भारतीय जन नाट्य संघ अपने संघर्षशील कलात्मक सफर के 75 वर्ष पूरे कर चुका है

शम्सुल इस्लाम
2018-06-18 18:11:26
लेखक-कवि की माली हालत हमेशा ही बहुत खराब रही पर प्रकाशक मालामाल होते रहे
लेखक-कवि की माली हालत हमेशा ही बहुत खराब रही, पर प्रकाशक मालामाल होते रहे

अंग्रेजी में लिखने वाला मालामाल है जबकि अंग्रेजी पाठक कितने हैं पता लगाना चाहिए। अंग्रेजी का बाज़ार इतना मुनाफ़े वाला कैसे है? अंग्रेजी में दो कौ...

अतिथि लेखक
2018-06-04 11:05:35
अफसर साहित्यकार  साहित्य में करप्शन का गोमुख
अफसर साहित्यकार : साहित्य में करप्शन का गोमुख

अशोक बाजपेयी को अफसर साहित्यकार परंपरा को स्थापित करने का श्रेय जाता है.... साहित्य-नागरिक की प्रतिवादी भूमिका आदि को विकृत करने में अफसर साहित्...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2018-05-25 23:34:09
अच्छे दिन  जिस फैज़ को भारत का एजेंट होने के आरोप में जेल हुई हमने उसकी बेटी को बेइज्जत कर के बाहर कर दिया
अच्छे दिन : जिस फैज़ को भारत का एजेंट होने के आरोप में जेल हुई, हमने उसकी बेटी को बेइज्जत कर के बाहर कर दिया

सारी दुनिया जब मदर्स डे मनाया रही थी तब हमने अपनी एक बेटी को बेइज्जत कर के बाहर कर दिया और अपनी पीठ ठोंक रहे हैं कि 72 साल की यह 'लड़की' हमारी दुश...

चंचल
2018-05-14 14:24:36
युद्ध की विभीषिका है "अंधा युग"
युद्ध की विभीषिका है "अंधा युग"

आज युद्ध आमने-सामने तीर तलवार से नहीं हो रहे हैं। आज इंसान खुद अपने आपको जला रहा हैं ईर्ष्या और जलन की आग में,

अतिथि लेखक
2018-05-14 12:33:08
नामवर सिंह हिंदी के नेल्सन मंडेला हैं जानिए कैसे
नामवर सिंह हिंदी के नेल्सन मंडेला हैं, जानिए कैसे

मार्क्सवाद मुक्ति का विज्ञान है और इसका बुनियादी लक्ष्य है 'वर्चस्व' और 'शोषण' के सभी रूपों का खात्मा करना।

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2018-05-07 17:59:36
नागरनामा पर बिपिन तिवारी का दिलचस्प आलेख
नागरनामा पर बिपिन तिवारी का दिलचस्प आलेख

बिपिन तिवारी जोशीले जवान लेखकों से दूर अध्ययन के आधार पर जो मूल्य पेश कर रहे हैं वह सराहने योग्य भी है और सीखने योग्य भी.

अतिथि लेखक
2018-04-14 23:21:15
जो नाटक नहीं लिख सकता वह कवि नहीं है - राजेश जोशी
जो नाटक नहीं लिख सकता वह कवि नहीं है - राजेश जोशी

कोई कविता चमत्कार से नहीं बनती। वह तभी सफल हो सकती है जब उसका सामान्यीकरण हो।

हस्तक्षेप डेस्क
2018-04-04 13:53:42
कवि केदारनाथ सिंह  विजातीय द्रव्यों से लड़ती हुई कविता हर्फ-हर्फ जहरीले विकारों का कीमियागार
कवि केदारनाथ सिंह : विजातीय द्रव्यों से लड़ती हुई कविता, हर्फ-हर्फ, जहरीले विकारों का कीमियागार

कविता की अमूर्त कला की कारीगरी में फकीरी रूमानी जिन्दादिली का कारीगर होने का जो साहस और पीड़ा है वही केदार के भीतर ‘प्रकृति को शक्ति के साथ’  लाकर...

अतिथि लेखक
2018-03-21 19:04:12
साहित्य में स्वतंत्रता के मुजाहिदीन  आज का समय और साहित्य
साहित्य में स्वतंत्रता के मुजाहिदीन : आज का समय और साहित्य

साहित्य जिंदा रहता है प्रतिवाद में, विद्रोह में, वर्जना-रहित प्रेम में, मनुष्य की अबाध स्वतंत्रता में। साहित्यकार की स्वतंत्रता पर किसी भी किस्म ...

अरुण माहेश्वरी
2018-03-19 00:03:37
‘मैला आंचल’ के महान कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की पत्नी ने क्यों कहा था “चाहूँगी कि मेरे घर में और कभी कोई लेखक पैदा न हो”
‘मैला आंचल’ के महान कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु की पत्नी ने क्यों कहा था “चाहूँगी कि मेरे घर में और कभी कोई लेखक पैदा न हो”

ग्रेबियल मारक्वेज ने अपनी पुस्तक ‘हन्ड्रेड इयर्स ऑफ सालिच्यूड’ जिसकी प्रतियों की बिक्री ने रिकार्ड तोड़ दिया, कहा था कि यह पुस्तक बहुत अच्छी हुई ह...

अतिथि लेखक
2018-03-04 12:15:41
‘मैं उर्वशी को शोषित नारी के रूप में देखता हूं’ - दूघनाथ सिंह
‘मैं उर्वशी को शोषित नारी के रूप में देखता हूं’ - दूघनाथ सिंह

कवि-कथाकार दूघनाथ सिंह से 27 साल पहले शम्सुल इस्लाम की बातचीत

शम्सुल इस्लाम
2018-01-16 21:40:18
नामदेव ढसाल  महाराष्ट्र सहित देश की राजनीति को बदल कर रख देने वाला एक कवि
नामदेव ढसाल : महाराष्ट्र सहित देश की राजनीति को बदल कर रख देने वाला एक कवि

खुद ढसाल ने लिखा है कि अगर कविता मुझे नहीं खींचती तो मैं टॉप लेवल का गैंगस्टर या स्मगलर होता या फिर किसी चकला घर का मालिक. किन्तु उनके अन्दर का क...

अतिथि लेखक
2018-01-15 23:26:16
लफ्ज़ों की दरगाह में  सुरजीत पातर
लफ्ज़ों की दरगाह में : सुरजीत पातर

सुरजीत पातर की कविता में व्यथा तो है, पर उससे उबरने की ताकत भी वहां मिलती है। पातर की कविताओं, गीतों और ग़ज़लों में ज़िन्दगी का बहुत ही करीब से स...

अतिथि लेखक
2018-01-14 20:14:44
गोपालदास नीरज – हिन्दी के लोकप्रिय गीतकवि
गोपालदास नीरज – हिन्दी के लोकप्रिय गीतकवि

उसकी हर बात पर हो जाती हैं पागल कलियां जाने क्या बात है नीरज के गुनगुनाने में

वीरेन्द्र जैन
2018-01-09 21:51:46
साहित्य पुरस्कारों का ऐलान नए कार्यक्रमों में गांवों में आयोजित होंगे ड्रामा-आलोक
साहित्य पुरस्कारों का ऐलान, नए कार्यक्रमों में गांवों में आयोजित होंगे ड्रामा-आलोक

अकादमी साल भर में 102 पुरस्कार देती है और अब नए अध्यक्ष का चयन भी शुरू हो चुका है।

देशबन्धु
2017-12-22 13:12:29