शब्द > कविता
उठेगें आवाज़ों के जनाज़े आवाज़ें फिर भी आयेंगी 
अब भीपूरी  तरह मरा नहीं वो तालाब
अब भी...पूरी  तरह मरा नहीं वो तालाब

कैसे बताऊँ...उन तालाबों को उनका यूँ ज़िंदा...चिन दिए जाना...ज़रूरी है.....शहर की तरक़्क़ी के लिए.....क्योंकि ..उन्हीं की क़ब्र की...मिट्टी पे ही ...

अतिथि लेखक
2018-06-03 12:50:23
आने वाले मौसम की बात  इस मौसम में ख़तरा है ख़तरा है डर है मृत्यु का
आने वाले मौसम की बात : इस मौसम में ख़तरा है/ ख़तरा है, डर है मृत्यु का

मनोज कुमार झा की दो कविताएँ

अतिथि लेखक
2018-05-23 18:24:09
मैं नहीं शामिल मुख्यधारा में जिसे होना हो तो हो
मैं नहीं शामिल मुख्यधारा में/ जिसे होना हो तो हो

मैं नहीं शामिल मुख्यधारा में जिसे होना हो तो हो क्या है तुम्हारी मुख्यधारा धार्मिक पाखण्ड पर्वत से निकली सांप्रदायिक अलगाव के गंदे ना...

जसबीर चावला
2018-05-13 13:59:33
तुम्हारी मौत सेबेहद ख़ुश हूँआसिफ़ाक्योंकि यहाँचंद मोमबत्तियों केपिघलने सेकुछ नहींपिघलने वाला
तुम्हारी मौत से....बेहद ख़ुश हूँ.....आसिफ़ा...क्योंकि यहाँ...चंद मोमबत्तियों के...पिघलने से...कुछ नहीं..पिघलने वाला

....मुझे यक़ीन है ..फिर से ...थमा दी जायेंगी ...लड़कियों को ...वही घिसी पिटी सी ..नसीहतें ....वही सलीक़े ..से रहने के ...मशवरे ... क़ुसूर तुम्हार...

अतिथि लेखक
2018-05-04 11:33:02
जब संघियों ने कहा - पृथ्वी माता की हत्या नहीं की जा सकती इसलिए हम उसकी हत्या करेंगे  जो पृथ्वी माता पर सवाल उठायेगा
जब संघियों ने कहा - पृथ्वी माता की हत्या नहीं की जा सकती/ इसलिए हम उसकी हत्या करेंगे / जो पृथ्वी माता पर सवाल उठायेगा

जब संघियों ने कहा - पृथ्वी माता की हत्या नहीं की जा सकती/ इसलिए हम उसकी हत्या करेंगे / जो पृथ्वी माता पर सवाल उठायेगा

अतिथि लेखक
2018-04-23 18:20:06
लड़कियों तुम मर ही जाओ पैदा होने से पहले ही  कोख में
लड़कियों तुम मर ही जाओ ...पैदा होने से पहले ही .. कोख में

No Need Of ...Justice .लड़कियों ....तुम मर ही जाओ ... पैदा होने से पहले .. कोख में ही ...या फिर ..पहले ..की तरह ..ही ..दे दिया जाये ..तुम्हारा .....

अतिथि लेखक
2018-04-14 14:02:48
हे भूमि पुत्रों तुम्हें सलाम तुम्हारे कदम क्रांति की ताल ठोंक रहे हैं
असल ज़िन्दगी में पुरुष को क्या हो जाता है
असल ज़िन्दगी में पुरुष को क्या हो जाता है

वीणा भाटिया की कविताएँ

अतिथि लेखक
2018-03-08 12:30:04
खुदाई में गणतंत्र के अवशेष  3018
खुदाई में गणतंत्र के अवशेष : 3018

संविधान के फटे पन्नों में कुछ कँकाल मिले किनके थे कँकाल  एकमत नहीं विद्वान  संविधान रक्षकों या एनकाउंटर में मरों के ?

जसबीर चावला
2018-02-04 20:01:35
न्याय को न्याय मिलेगा
न्याय को न्याय मिलेगा !

जसबीर चावला
2018-01-16 00:04:38
कोबाड गांधी  और बना लिया कलम को जंग-ए-आजादी का हथियार
कोबाड गांधी : और बना लिया... कलम को जंग-ए-आजादी का हथियार

यह आदमी जो है इतना समझदार कर सकता था जो विचारों का व्यापार बना सकता था सुख-सुविधाओं काअपना संसार होता है तो होता रहे जन-गण-मन पर अत्याचार लेक...

ईश मिश्र
2017-12-21 07:57:38