शब्द > कविता
जिंदगी मुझे अक्सर डराती है मौत से मुझे नहीं लगता डर
जिंदगी मुझे अक्सर डराती है/ मौत से मुझे नहीं लगता डर

मुझे मर चुके लोगों से बिल्कुल नहीं लगता डर मुझे  उनकी किसी भी भीड़ का हिस्सा बनना मंजूर है हर दूसरी रात मैं तफरीह करता हूं मृतकों के साथ ...

अतिथि लेखक
2017-11-12 22:54:44
नफ़रतों का घरौंदा जाने बसा क्यूँ है… कुछ बात उन गैरों की
नफ़रतों का घरौंदा जाने बसा क्यूँ है…. कुछ बात उन गैरों की

वो कहते हैं कि इतनी तेज़ी से बढ़ रहे हैं वो कि दूर नहीं वो दिन जब इस सरज़मीं फिर उनका ही राज होगा हम तो ये ही सोचते रह गए कि उनकी तो सुकून भरी ज़ि...

अतिथि लेखक
2017-11-01 10:35:31
सनी लिओनि तुम्हारी पवित्रता की दाद एक कवि दे रहा है
सनी लिओनि तुम्हारी पवित्रता की दाद एक कवि दे रहा है

मैं पूछूंगा अहिल्या से किसने दिया था तुम्हें/ चरित्र हीनता का प्रमाणपत्र

अतिथि लेखक
2017-09-26 09:36:55
मृत्यु का जश्न मनाते गिद्ध
मृत्यु का जश्न मनाते गिद्ध

गोरी लंकेश जिन गोलियों से मरी उसी विचार फेक्ट्री का ठप्पा था जहाँ से लेते हैं तालिबान आईएस

जसबीर चावला
2017-09-10 15:26:23
ऑपरेशन देशभक्त  हिटलिस्ट बन चुकी है दरवाज़ों पर क्रॉस के चिन्ह बनाए जा रहे हैं
इनके बारे में सोचिए लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे — मार्ज पीयर्सी
अटल जी के दफ्तर ने तो साध्वी का गुमनाम पत्र लीक कर दिया था
अटल जी के दफ्तर ने तो साध्वी का गुमनाम पत्र लीक कर दिया था ?

पीएमओ ने नहीं हाईकोर्ट ने खबर का संज्ञान लेते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया था, अटल जी के दफ्तर ने तो साध्वी का गुमनाम पत्र लीक कर दिया था ?

अतिथि लेखक
2017-08-30 17:48:40
काठ के घोड़े पर सवार कोड़ा फटकारता राजा निरबंसिया  राजा निरबंसिया
तुम्हारे हिस्से की ऑक्सीजन रामराज की बदइंतजामी के हत्थे चढ़ गयी क्योंकि देश ठेके पर है
तुम्हारे हिस्से की ऑक्सीजन रामराज की बदइंतजामी के हत्थे चढ़ गयी क्योंकि देश ठेके पर है

हमने पैदा होते ही तुम्हारी मौत की खबर पढ़ी फेसबुक पर लिख दिया दुखद और देखने लगे टीवी पर हिंद महासागर में रामसेतु के अन्वेषण की खबर और...

अतिथि लेखक
2017-08-13 10:03:43
डिजिटल भारत सोता रहा गुड़िया इन्साफ मांग रही है… और महामहिम खुशियाँ मना रहा है
डिजिटल भारत सोता रहा/ गुड़िया इन्साफ मांग रही है… और महामहिम खुशियाँ मना रहा है

गुड़िया तो अब नहीं है पर क्या आप हैं ? क्या आप जिन्दा हैं ?? ......... वाह रे लोकतंत्र ... तू अब भी मुस्करा रहा है .....

अतिथि लेखक
2017-07-22 23:17:11
आज के दौर का तराना  लड़ते हुवे सिपाही का गीत बनो रे हारना है मौत तुम जीत बनो रे
आज के दौर का तराना : लड़ते हुवे सिपाही का गीत बनो रे, हारना है मौत, तुम जीत बनो रे

लड़ते हुवे सिपाही का गीत बनो रे, हारना है मौत, तुम जीत बनो रे।  गाइये, दोस्तों/परिवार/पड़ोस को सुनाइये। 

शम्सुल इस्लाम
2017-06-07 16:33:58