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संघ की विचारधारा का मूलाधार हिन्दुत्व के रूप में फासिज्म है हिन्दू तो आवरण है
संघ की विचारधारा का मूलाधार हिन्दुत्व के रूप में फासिज्म है, हिन्दू तो आवरण है

सच यह है कि संघ की विचारधारा का मूलाधार हिन्दुत्व के रुप में फासिज्म है। हिन्दू तो आवरण है। फासिज्म की लाक्षणिक विशेषता है अमीरों की खुलकर सेव...

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-06-27 23:04:05
किसान आंदोलन की आग से अगर खड़ी फसल जल जायेगी तो देश में भुखमरी की नौबत आ जाएगी
किसान आंदोलन की आग से अगर खड़ी फसल जल जायेगी तो देश में भुखमरी की नौबत आ जाएगी

मुनाफाखोर बाजार ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है और कर्ज़ में डूबे किसान ऐसी हालत में आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं। पिछले 20 वर्षों में प्रति व...

राजीव रंजन श्रीवास्तव
2017-06-27 18:45:46
मंडल ने हिंदुत्व को मजबूत किया  सामाजिक न्याय की कथित पॉलिटिक्स के लिए हिंदुत्व और फासीवाद कोई खतरा नहीं
मंडल ने हिंदुत्व को मजबूत किया : सामाजिक न्याय की कथित पॉलिटिक्स के लिए हिंदुत्व और फासीवाद कोई खतरा नहीं

सामाजिक न्याय की ताकतें दलित और पिछड़ों की साम्प्रदायिकता पर बात करने से कतराती हैं। असलियत यह है कि ये सब संघ के ही एजेंट हैं।

अतिथि लेखक
2017-06-27 12:56:31
मोदीजी के सत्ता में आने के बाद असंवैधानिक सत्ताकेन्द्रों का नैटवर्क पैदा हुआ
मोदीजी के सत्ता में आने के बाद असंवैधानिक सत्ताकेन्द्रों का नैटवर्क पैदा हुआ

आपातकाल माने सरकार द्वारा घोषित ढंग से मानवाधिकारों का हनन। यह प्रक्रिया बड़े कौशल के साथ सारे देश में चल रही है। आसपास नजर डालें साफ दिखाई दे जाएगा।

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2017-06-27 11:27:34
आज के दौर में वही देशभक्त है जो भारत के मुसलमान के साथ खड़ा है जानिए क्यों
आज के दौर में वही देशभक्त है जो भारत के मुसलमान के साथ खड़ा है, जानिए क्यों

मुझे भी पता है कि मुस्लिम साम्प्रदायिकता की उतनी आलोचना पूर्व में नहीं की गई जितनी होनी चाहिए थी। लेकिन, आज जो हो रहा है वो भारत का पाकिस्तानीकरण...

अतिथि लेखक
2017-06-27 11:15:27
शिव के राज में प्रदेश बना किसानों की कब्रगाह
शिव के राज में प्रदेश बना किसानों की कब्रगाह

मध्यप्रदेश में किसानों के साथ अभी भी सत्ता पक्ष का रवैया दोगला ही है। इसी दोगलेपन के चलते प्रदेश में किसानों की ख़ुदकुशी और आंदोलन थमने का नाम ही...

अतिथि लेखक
2017-06-26 22:38:33
जनता बनाम सेना  मोती लाल बास्के की मौत
जनता बनाम सेना : मोती लाल बास्के की मौत

क्या जनता अपनी गाढ़ी कमाई से हिस्सा काटकर टैक्स इसलिए ही देती है ताकि उनके पैसों का इस तरह दुरूपयोग किया जाए?

अतिथि लेखक
2017-06-26 19:03:11
अजान रमजान ईद का चांद मुबारक हो यह हत्यारा ‘कोई और’ कोई व्यक्ति नहीं बल्कि खुद राज्य है
अजान, रमजान... ईद का चांद मुबारक हो... यह हत्यारा ‘कोई और’ कोई व्यक्ति नहीं बल्कि खुद राज्य है

जब हमारे घर के चिरागों को बुझा दिया गया तो कैसे हम ईद की खुशियां मनाएं... चांद मुबारक हो।... भीड़तंत्र का हमला कहकर राज्य को बरी न करें

अतिथि लेखक
2017-06-26 18:32:25
कश्मीर  स्वर्ग का शोक संगीत
कश्मीर : स्वर्ग का शोक संगीत

3 सालों में कश्मीर निरंतर जल रहा है मोदी सरकार पाकिस्तान को कोस कर अपना कर्तव्य निभा रही है, लेकिन महबूबा पर जो भरोसा वहां की जनता ने दिखाया है, ...

देशबन्धु
2017-06-26 17:57:52
मीडिया  जो ‘उनको’ मोदी है पसंद वही बात करेंगे
मीडिया : जो ‘उनको’ (मोदी) है पसंद वही बात करेंगे?

क्या 2014 से पहले मीडिया की सत्ता विरोधी सक्रियता उसके कर्तव्यों तथा उसकी निष्पक्षता पर आधारित सक्रियता थी या वह सक्रियता किसी साजि़श का हिस्सा म...

तनवीर जाफ़री
2017-06-26 14:20:05
राष्ट्रपति चुनाव  जब हार गया था सत्ता पक्ष का उम्मीदवार
राष्ट्रपति चुनाव : जब हार गया था सत्ता पक्ष का उम्मीदवार

राष्ट्रपति चुनाव में अब तक सबसे रोचक और कांटे का मुकाबला 1969 में हुआ था जिसमें सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था और किसी भी उ...

हस्तक्षेप डेस्क
2017-06-26 14:03:16
मोदीजी  1977 में बहती अंतर्धारा की पहचान कौन कर पाया था
मोदीजी ! 1977 में बहती अंतर्धारा की पहचान कौन कर पाया था

यह चुनाव भी जिन परिस्तिथियों में हो रहा है उसमें शक्तियों की पहचान, उनके नये गठबन्धनों का निर्माण और पुराने के विघटन देखने को मिल सकते हैं, जिससे...

वीरेन्द्र जैन
2017-06-26 13:45:39
रामनाथ कोविंद जी के नाम शम्सुल इस्लाम का खुला पत्र
रामनाथ कोविंद जी के नाम शम्सुल इस्लाम का खुला पत्र

संघ की लोकतंत्र से घृणा-संघ को आजादी के पहले और बाद में भी राष्ट्रीय झंडे से चिढ़ रही है। यहां तक कि स्वतंत्रता के बाद जब तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज ब...

शम्सुल इस्लाम
2017-06-25 22:45:45
आपातकाल में अंधेरा था तो रोशनी भी थी अब अंधेरे के सिवा कुछ भी नहीं
आपातकाल में अंधेरा था तो रोशनी भी थी, अब अंधेरे के सिवा कुछ भी नहीं

​​​​​​​जैसे जर्मनी में सिर्फ हिटलर को बोलने की आजादी थी, आज सिर्फ मंकी बातों की आजादी है। दार्जिलिंग जल रहा है और बाकी देश में कोई हलचल नहीं है। ...

पलाश विश्वास
2017-06-25 22:28:18
स्वयंसेवक राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता भारतीय संविधान और लोकतंत्र के बजाय मनुस्मृति व्यवस्था के प्रति होगी
स्वयंसेवक राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता भारतीय संविधान और लोकतंत्र के बजाय मनुस्मृति व्यवस्था के प्रति होगी

यह राष्ट्र अब युद्धोन्मादी सैन्य राष्ट्र है। स्वयंसेवकों की हैसियत से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री इसके कर्णधार हैं। ऐसी परिस्थिति किसी भी तरह के आ...

पलाश विश्वास
2017-06-25 22:08:42
आपातकाल की याद -जब अंबिका सोनी ने गिरफ्तार कराया पत्रकार को
रीता बहुगुणा के पिता को भी नहीं मालूम था आपातकाल लागू हो गया
रीता बहुगुणा के पिता को भी नहीं मालूम था, आपातकाल लागू हो गया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा ने बताया कि आपातकाल की घोषणा के बारे में उनको 26 जून की सुबह उस समय जानकारी मिली जब वह केंद्रीय म...

अतिथि लेखक
2017-06-25 15:16:55
आपातकाल की याद - राष्ट्रपति के नाम प्रधानमंत्री का अत्यंत गोपनीय पत्र
आपातकाल की याद - राष्ट्रपति के नाम प्रधानमंत्री का अत्यंत गोपनीय पत्र

राष्ट्रपति के नाम प्रधानमंत्री का अत्यंत गोपनीय पत्र (यह पत्र राष्ट्रपति कार्यालय की फाइल में मिला)

अतिथि लेखक
2017-06-25 15:00:18
क्या मौजूदा किसान आंदोलन राजनीति से प्रेरित है ?