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बीजेपी ने तो अपना खेल कर दिया अब बारी महबूबा मुफ़्ती की है पीडीपी तीन साल कैसे इनके साथ रही उसे तो एक्सपोज़ करेगी
बीजेपी ने तो अपना खेल कर दिया, अब बारी महबूबा मुफ़्ती की है, पीडीपी तीन साल कैसे इनके साथ रही उसे तो एक्सपोज़ करेगी !

अचानक, और इतना बड़ा फैसला क्या नागपुर के इशारे पर लिया गया ?

पुष्परंजन
2018-06-19 17:55:01
नीतीश की तरह मोदी के लिये मददगार साबित होना चाहते हैं केजरीवाल
नीतीश की तरह मोदी के लिये मददगार साबित होना चाहते हैं केजरीवाल !

राजनीति के नये समीकरण राजनीतिक जगत के बाहर का जनता का सत्य तय करते हैं सिर्फ राजनीतिक दल नहीं

अरुण माहेश्वरी
2018-06-19 14:27:30
इप्टा  एक जनपक्षीय सांस्कृतिक आंदोलन के 75 साल होमी जहांगीर भाभा ने किया था नामकरण
इप्टा : एक जनपक्षीय सांस्कृतिक आंदोलन के 75 साल, होमी जहांगीर भाभा ने किया था नामकरण

भारतीय जन नाट्य संघ अपने संघर्षशील कलात्मक सफर के 75 वर्ष पूरे कर चुका है

शम्सुल इस्लाम
2018-06-18 18:11:26
काबूल में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा इस्लाम का इस्तेमाल करने की कहानी
काबूल में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा इस्लाम का इस्तेमाल करने की कहानी

सूबा सरहद में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा इस्लाम का प्रयोग... सन् 47 में यही निहत्थे ख़ुदाई खि़दमतगार अपने हिन्दू, सिख भाइयों की जान बचाने सड़कों पर निकले

अतिथि लेखक
2018-06-18 14:18:55
केशव राव जाधव- एक खांटी समाजवादी के डॉ लोहिया से जुड़े अनुभव
केशव राव जाधव- एक खांटी समाजवादी के डॉ लोहिया से जुड़े अनुभव

डॉ. लोहिया का साथी केशव राव जाधव की यादों के पुराने अंश

अतिथि लेखक
2018-06-17 23:58:21
भारतीय लोकतंत्र के दो और पहलू  कानून सिर्फ सरकार बनाती है और सरकार असल में हमारी प्रतिनिधि है ही नहीं
भारतीय लोकतंत्र के दो और पहलू : कानून सिर्फ सरकार बनाती है और सरकार असल में हमारी प्रतिनिधि है ही नहीं

आनुपातिक प्रतिनिधित्व का नियम लागू होता तो भाजपा के केवल 169 उम्मीदवार ही सांसद हो पाते

अतिथि लेखक
2018-06-17 23:45:32
तेजी से घट रही मोदी की लोकप्रियता सत्ता से बाहर हो जाएगा भाजपा गठबंधन
भारत पाकिस्तान सीमा पर अभी भी सैनिक क्यों मर रहे हैं 
भारत पाकिस्तान सीमा पर अभी भी सैनिक क्यों मर रहे हैं? 

 लगभग भारत-पाकिस्तान जितनी ही लम्बी दुश्मनी मानने के बाद उत्तर और दक्षिण कोरिया यदि मित्रता की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं तो भारत और पाकिस्तान ऐस...

अतिथि लेखक
2018-06-16 23:31:49
क्या वाकई चर्च मोदी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है
क्या वाकई चर्च, मोदी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है?

क्या यह सही नहीं है कि एक योगी को सत्ता में नहीं होना चाहिए? हमारे जैसे समाज, जो पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष नहीं है, में पुरोहित वर्ग को दुनियावी व...

राम पुनियानी
2018-06-16 20:09:01
टोंटी विवाद के बीच  वो भी दिन थे जब अब्दुल गफूर रिक्शा पर बैठकर सीएम आवास खाली कर गए थे
टोंटी विवाद के बीच : वो भी दिन थे जब अब्दुल गफूर रिक्शा पर बैठकर सीएम आवास खाली कर गए थे

भारतीय राजनीति का एक रूप यह भी है, जिसमें ईमानदारी, सादापन, बेबाकी का समावेश था। आज के राजनेताओं और राजनीति में इनकी बड़ी कमी लगती है।

अतिथि लेखक
2018-06-16 19:12:10
यह तस्वीरें दिल पर बोझ की तरह आख़री साँस तक दर्ज रहेंगी
यह तस्वीरें दिल पर बोझ की तरह आख़री साँस तक दर्ज रहेंगी

मरना तो है ही शुजाअत भाई, काश हम भी आपकी तरह हिम्मती होते, तो यह घिसटती हुई सीलन भरी, नफ़रत में उबलती भीड़ के बीच लड़ते हुए कबका दम तोड़ मिट चुके होते।

अतिथि लेखक
2018-06-15 23:41:00
मुँह में राम बगल में छुरी  लगभग सभी डाकुओं ने मन्दिर बनवाये और पुजारियों व बाबाओं को पाला
आलेख रूपी मोतियों से सजी पुस्तक ‘दो टूक’
आलेख रूपी मोतियों से सजी पुस्तक ‘दो टूक’

पर्यावरणीय समस्या को लेकर इस पुस्तक के पहले ही निबंध ‘विकराल होती ग्लोबल वार्मिंग की समस्या’ में न केवल इस गंभीर समस्या पर प्रकाश डाला गया है

एजेंसी
2018-06-15 23:19:16
उठेगें आवाज़ों के जनाज़े आवाज़ें फिर भी आयेंगी 
उनके हत्यारे उनमें से ही हैं जो नहीं चाहते कि कश्मीर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो
उनके हत्यारे उनमें से ही हैं जो नहीं चाहते कि कश्मीर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो

उनके हत्यारे उनमें से ही हैं जो नहीं चाहते कि कश्मीर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान हो

अतिथि लेखक
2018-06-15 22:03:10
हो सकता है छत्तीसिंहपुरा की तरह ही कभी भी शुजात के हत्यारे न पकड़े जाएं
हो सकता है छत्तीसिंहपुरा की तरह ही कभी भी शुजात के हत्यारे न पकड़े जाएं

उन 36 सिखों के हत्यारों की तरह ही सभी जान रहे होंगे कि शुजात बुखारी का हत्यारा कौन है

शाहनवाज आलम
2018-06-15 13:40:39
आखिर किसने मारा शुजात बुखारी को
आखिर किसने मारा शुजात बुखारी को

निष्पक्षता कौन सुनिश्चित करेगा? क्या वो पुलिस और सेना जिसने कुछ साल पहले बुखारी के दफ्तर पर हमला बोला था और उनके अखबार के संस्करण नहीं निकालने दि...

अतिथि लेखक
2018-06-15 13:17:28
दिल्ली हो या श्रीनगर चप्पे-चप्पे में तुम्हारी यादें हमारे साथ रहेंगी शुजात
दिल्ली हो या श्रीनगर, चप्पे-चप्पे में तुम्हारी यादें हमारे साथ रहेंगी शुजात

जम्मू कश्मीर में आज अनेक जगहें फिर से बेहद खौफनाक हो गई हैं। शायद, मिलिटेंसी के सबसे काले दिनों से भी ज्यादा! पर वहां पत्रकारों पर लंबे समय से कभ...

अतिथि लेखक
2018-06-15 10:18:58