जानिए जेएनयू के परिणाम क्यों महत्त्वपूर्ण हैं ?

जेएनयू में छात्रों की जीत वास्तव में बुद्धिवाद, वैज्ञानिक चिंतन और अन्याय के आगे न झुकने की ताकत की जीत है।...

अतिथि लेखक
जानिए जेएनयू के परिणाम क्यों महत्त्वपूर्ण हैं ?

जेएनयू चुनाव नतीजे का मतलब।

हर लाल सलाम बोलने वाला कम्युनिस्ट नहीं होता

आलोक वाजपेयी

लाल सलाम हम भी बोलते हैं। लगभग सारे दिली सम्बन्ध उनसे ही हैं जिन्हें व्यापक अर्थों में वामपंथी कहा जा सकता है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि हर लाल सलाम बोलने वाला या वामपंथ से प्रभावित व्यक्ति कम्युनिस्ट ही हो या कम्युनिस्ट पार्टी/पार्टियों का ही आदमी हो। सच तो ये है कि कम्युनिस्ट जमात में बैठने पर हम लोग सबसे ज्यादा भारत में कम्युनिस्ट पार्टियों की ही आलोचना भी करते हैं।

हर मार्क्सवादी को कम्युनिस्ट समझ लेने की भूल

लोग जानकारी के अभाव में हर मार्क्सवादी को कम्युनिस्ट समझ लेते हैं।

दरअसल लोगों को सच में ज्ञान विज्ञान की धारा/ धाराओं का पता ही नहीं है। ऊपर से जब से ये केंद्र सरकार आयी है उसने ऐसे ऐसे झूठ गढ़े हैं कि प्रायः लोग सवाल उठाने को ही वामपंथी कहके हंसी उड़ाने लगते हैं। एक तरह से तो बढ़िया ही है क्योंकि बिना कुछ किये ही वामपंथियों की संख्या देश में बढ़ती जा रही है।

जेएनयू और मार्क्सवादी परंपरा

जेएनयू चूंकि उच्च ज्ञान का केंद्र है, इसलिए वहां पर सवाल करने जवाब ढूंढने की एक लंबी परम्परा है। निश्चित ही मार्क्सवादी परंपरा आज भी जटिल व कठिन सवालों से जूझने में किसी भी अन्य विचारधारा से ज्यादा सक्षम और समृद्ध है। तो पक्का ही जेएनयू में और दुनिया की किसी भी अच्छी यूनिवर्सिटी में मार्क्सवाद और वामपंथी औजारों से पढ़ने सीखने और खराब स्थितियों से बदलाव की बातें होती हैं।

कम्युनिस्ट पार्टियां क्या करती हैं ये अलग विषय है और उस पर भी तमाम आलोचनाएं विरोध होते रहते हैं विद्वानों के बीच ही। जेएनयू चूंकि बुद्धि और तर्क की भारतीय परंपरा का एक आधुनिक स्तंभ है और यह सरकार मूलतः बुद्धि विरोधी प्रश्न विरोधी सरकार है और केवल अंध श्रद्धावादी है, इसलिए इसे हमेशा ही जेएनयू से दिक्कत रही है और उसे बरबाद करने पे आमादा है।

तो जेएनयू में छात्रों की जीत वास्तव में बुद्धिवाद, वैज्ञानिक चिंतन और अन्याय के आगे न झुकने की ताकत की जीत है। लाल सलाम नारे का आशय केवल उस परम्परा से अपने को जोड़ना है जिसने पिछले 150 साल से अधिक दुनिया भर में गरीबों, मजदूरों, कमजोरों के हक की लड़ाइयां लड़ी हैं और इस दुनिया को बेहतर बनाने के ऐतिहासिक योगदान किया है।

जेएनयू के परिणाम इसलिये महत्त्वपूर्ण हैं

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