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जानिए कृषि में रोजगार के अवसर क्या हैं

क्या आप भी जानना चाहते हैं कि एग्रीकल्चर से कौन कौन सी नौकरी मिल सकती है? बीएससी एग्रीकल्चर में करियर कैसे बनाएं? बीएससी एग्रीकल्चर (Bsc Agriculture in Hindi) क्या है कैसे करें? आइए बीएससी कृषि पाठ्यक्रम विवरण हिंदी में (Bsc Agriculture Course Details in Hindi) जानें और जानें कि कृषि में रोजगार के अवसर क्या हैं।

कृषि में पेशेवर कैरियर (Professional career in agriculture) बनाने के लिए इस विषय में कम से कम स्नातक उपाधि प्राप्त करनी चाहिए, जिसे संक्षेप में बी.एस.सी. (कृषि)/ बीएससी एग्रीकल्चर (Bsc Agriculture)  कहा जाता है।

बीएससी एग्रीकल्चर में प्रवेश पात्रता

जिन लोगों ने 10+2 स्तर पर विज्ञान या कृषि एक विषय के रूप में लिया हो, वे बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम में प्रवेश के पात्र समझे जाते हैं। देश में लगभग सभी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में एक कृषि विभाग होता है, जो उस विषय में स्नातक और उच्च स्तरीय पाठ्यक्रमों का संचालन करता है।

बीएससी कृषि कॉलेजों सूची/ एग्रीकल्चर कॉलेज कहां कहां है

कृषि स्नातक पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय से सम्बद्ध अनेक कॉलेजों में भी उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय और राज्य सरकारों द्वारा विशेष कृषि विश्वविद्यालयों की स्थापना (Establishment of special agricultural universities) भी की गई है। कुछ जाने माने कृषि विश्वविद्यालय इस प्रकार हैं –

  • गोविंद वल्लभ पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंत नगर,
  •  तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय कोयम्बटूर,
  • कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, धारवाड़, राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर,
  • ओडिशा – कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर,
  • चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार
  • पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना,
  • चन्द्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर,
  • जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर,
  • नरेंद्र देव कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फैजाबाद
  • राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा समस्तीपुर

ये विश्वविद्यालय कृषि में सामान्य और विशेषज्ञतापूर्ण पाठ्यक्रमों का संचालन करते हैं। इसके अतिरिक्त कई ऐसे संस्थान हैं, जहां पर ज्यादातर विशेषज्ञतापूर्ण विषयों का अध्ययन और अनुसंधान कराया जाता है। इन संस्थानों के उदाहरणों में केंद्रीय मत्स्य उद्योग शिक्षा संस्थान, मुम्बई (Central Institute of Fisheries Education, Mumbai- CIFE Mumbai) और राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल, हरियाणा (NDRI-National Dairy Research Institute (Deemed University)) शामिल हैं। ये दोनों ही समकक्ष विश्वविद्यालय हैं। इच्छुक उम्मीदवार कृषि अर्थशास्त्र और कृषि इंजीनियरी जैसे पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश ले सकते हैं।

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बीएससी एग्रीकल्चर में रोजगार के अवसर (job opportunities in bsc agriculture)

क्या आप भी सोचते हैं, कि खेती का अध्ययन केवल भूस्वामियों और खेती की पृष्ठभूमि वाले परिवारों के लिए है? तो तनिक ठहरकर इस पर फिर से विचार करें। खेती का प्रभाव अत्यंत व्यापक है और यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई तरह से अर्थव्यवस्था और समाज से सम्बद्ध है।

वास्तव में कृषि में शिक्षा से बहुमुखी रोजगार के अवसर (Versatile Employment Opportunities) मिलते हैं, जो स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ हैं –

प्रत्यक्ष खेती (direct farming)

खेती हमारी करीब 60 प्रतिशत आबादी के लिए आजीविका का साधन है। परंतु, अनेक ऐसे लोग हैं, जिन्होंने खेती को किसी भी अन्य व्यापार की तरह एक वाणिज्यिक गतिविधि के रूप में अपनाया है। बड़े फार्म रखने वाले व्यक्तियों और कंपनियों को फार्म मैनेजरों की आवश्यकता पड़ती है।

खेती स्वयं की भूमि पर और पट्टे पर धारित भूमि पर की जा सकती है। कुछ मामलों में सरकार भी खेती के व्यवसाय (farming business) में शामिल होने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करती है। परियोजना की व्यवहार्यता और प्रोमोटरों की साख (credit of promoters) के आधार पर बीज, उर्वरक, उपकरण आदि कृषि निवेश के लिए बैंक ऋण (Bank loans for agricultural investments) प्राप्त किए जा सकते हैं। अनुबंध खेती (Contract farming) ऐसे कृषि उद्यमों में से एक हो सकती है।

उच्च प्रौद्योगिकी खेती/ हाई टेक खेती (High Tech Farming) एक अन्य क्षेत्र है, जिसमें टेक्नोलोजी और अधिक पैदावार देने वाले बीजों के इस्तेमाल के साथ अधिक उत्पादकता सुनिश्चित की जा सकती है।

कृषि अनुसंधान (agricultural research)

खेती अनुसंधान उन्मुख विषय (research oriented) है। खेती से नई प्रवृत्तियों, उभरती हुई आवश्यकताओं और कृषि के क्षेत्र में सर्वोत्तम पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की जाए। खेती में अनुसंधान (research in agriculture) को बढ़ावा देने के लिए हमारे देश में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (Indian Council of Agricultural Research-ICAR) एक शीर्ष निकाय है। इस परिषद के अंतर्गत करीब 100 अनुसंधान संस्थान हैं, जिनमें सभी प्रमुख फसलों और अन्य कृषि विषयों के लिए अनुसंधान केंद्र शामिल हैं।

भारत में कुछ प्रमुख कृषि अनुसंधान केंद्र (Some of the Major Agricultural Research Centers in India)-
  • केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर
  • भारतीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान, रांची
  • केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला
  • केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी संस्थान, लखनऊ
  • केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद
  • भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ
  • भारतीय जल प्रबंधन संस्थान, भुवनेश्वर
  • राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान केंद्र, पुणे
  • भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली
  • भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची

इसके अतिरिक्त विश्वभर में बड़ी संख्या में कृषि अनुसंधान संस्थान हैं। इस प्रकार आप वैश्विक आधार पर अनुसंधान के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही स्तरों पर अनुसंधान के लिए बड़ी संख्या में छात्रवृत्तियां भी प्रदान की जाती हैं।

बी.एससी कृषि से बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार के अवसर (Employment Opportunities in Banking Sector from B.Sc Agriculture)

हमारे देश में सार्वजनिक क्षेत्र के अधिसंख्य बैंकों की शाखाएं ग्रामीण और अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। सरकार ने कृषि और संबद्ध गतिविधियों का वित्तपोषण के लिए बैंकों को विशेष लक्ष्य प्रदान किए हैं। कृषि आधारित कार्यक्रमों (agriculture based programs) सहित सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न कार्यक्रम बैंकों के जरिए कार्यान्वित किए जाते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों में कृषि लिपिकों और अधिकारियों के पद होते हैं। ऐसे पदों के लिए बी.एससी कृषि, बी.वी.एससी आदि योग्यताएं रखने वाले उम्मीदवारों को पात्र समझा जाता है। कुछ बैंकों में ऐसे अधिकारियों को ग्रामीण विकास अधिकारी जैसे पदनाम दिए गए हैं। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (National Bank for Agriculture and Rural Development) (नाबार्ड) समूह ‘ख’ अधिकारियों के रूप में ऐसे योग्य लोगों की भर्ती करता है। संबंधित भर्तियां लगभग हर वर्ष विज्ञापित की जाती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कृषि अधिकारी के रूप में भर्ती (Recruitment as Agriculture Officer in Public Sector Banks) होने वाले व्यक्ति इसी पद पर निरंतर काम करने अथवा सामान्य बैंकिंग अधिकारी के रूप में परिवर्तित होने का विकल्प अपना सकते हैं, जो सेवा में अपेक्षित वर्षों की संख्या पूरी करने के बाद प्रदान किया जाता है।

कृषि स्नातक सामान्य लिपिकों और परिवीक्षाधीन अधिकारियों के रूप में भी आवेदन के पात्र समझे जाते हैं।

वैज्ञानिक के रूप में रोजगार के अवसर (job opportunities as scientist)

कृषि एक वैज्ञानिक विषय है। अत: सरकारी और निजी क्षेत्र के संगठनों में कृषि वैज्ञानिक (Agricultural scientists in government and private sector organizations) के रूप में काम करने के अवसर उपलब्ध होते हैं।

कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल की स्थापना गजेन्द्र गडकर समिति की संस्तुति के आधार पर एक स्वतंत्र भर्ती निकाय के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल, भारत सरकार की मंजूरी से 1973 में की गई थी। सरकार ने कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल की स्थापना इसलिए की, ताकि सरकारी प्रयोगशालाओं और संस्थानों में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों की भर्ती प्रक्रिया को केंद्रीकृत किया जा सके।

निजी क्षेत्र की कंपनियां भी कृषि वैज्ञानिकों के रूप में रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। उर्वरकों, कीटनाशकों, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उपकरणों आदि के व्यापार में लगी कंपनियों में आपके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं।

कृषि स्नातकों के लिए अखिल भारतीय सेवाओं में रोजगार के अवसर। कृषि स्नातकों के लिए विभिन्न सरकारी नौकरी के अवसरों को जानें (know various Government Job Opportunities for Agriculture Graduates)

अखिल भारतीय सेवाओं के लिए आवेदन करने हेतु स्नातक उपाधि अपेक्षित है। ये स्नातक उपाधि कृषि में भी हो सकती है. परंतु, कृषि स्नातकों के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध होते हैं क्योंकि वे भारतीय वन सेवा (Indian Forest Service आईएफएस) परीक्षा में भी बैठ सकते हैं। आईएफएस परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर वर्ष आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है और उसके बाद संभागीय वन अधिकारी (Divisional Forest Officer डीएफओ) आदि के रूप में नियुक्त किया जाता है। यह एक अखिल भारतीय सेवा है और अत्यंत प्रतिष्ठित समझी जाती है।

कृषि स्नातकों और स्नातकोत्तरों के लिए शिक्षण के क्षेत्र में रोजगार के अवसर (Employment opportunities in the field of teaching for agricultural graduates and postgraduates)

बड़ी संख्या में ऐसे संस्थान हैं, जो खेती में शिक्षा प्रदान करते हैं। कृषि में अध्यापन के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए इन संस्थानों में प्रचुर मात्रा में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। आप स्नातक, स्नातकोत्तर और/अथवा डॉक्टरल विद्यार्थियों को पढ़ाने का विकल्प चुन सकते हैं। शिक्षण व्यवसाय के लिए आपको कृषि में स्नातकोत्तर उपाधि यानी एम.एससी कृषि (M.Sc Agriculture) होना चाहिए। अनुसंधान की योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को शिक्षण और अनुसंधान संबंधी पदों के लिए निश्चित वरीयता दी जाती है। खेती में शिक्षा से खाद्य सुरक्षा, जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और अनेक ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं।

उच्चतर योग्यताएं और बहुमूल्य कार्य अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय निकायों में भी रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। इन निकायों में खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ), सार्क कृषि केंद्र, बांग्लादेश, सेंटर फार इंटरनेशनल फोरेस्टरी रिसर्च, इंडोनेशिया, इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रापिकल एग्रीकल्चर, तंजानिया, यूएस एड आदि शामिल हैं।

कृषि में रोजगार चाहने वाले उम्मीदवारों (Candidates seeking employment in agriculture) के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड आदि की वेबसाइट्स पर उपयोगी जानकारी उपलब्ध है।

कुछ उपयोगी वेबसाइस के लिंक-

https://www.icar.org.in/hi

https://www.iihr.res.in/

https://www.dic.gov.in/

https://www.cicr.org.in/

https://www.csir.res.in/hi

(इनपुट- देशबन्धु से भी)

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